महासमुंद जिले की जेल से गुरुवार दोपहर मौका पाकर 5 कैदी भाग गए। इनमें से तीन पर लूट और डकैती का मामला चल रहा है। एक बलात्कार का आरोपी है। पांचवें को पुलिस ने ड्रग्स रखने के मामले में पकड़ा था। ये जेल की दीवार फांद कर भागे हैं। इनके फरार होते ही जेल में सायरन बज उठा। जेलर ने शहर की पुलिस को खबर की। इसके बाद अब भागे हुए कैदियों की तलाश जारी है।

शहर के हर चेकिंग प्वाइंट पर पुलिस अलर्ट है। अब हर आने जाने वाले की जांच की जा रही है। भागे हुए कैदियाों में धनसिंह, डमरूधर, राहुल, दौलत और करण शामिल हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जेल से भागने की प्लानिंग ये कैदी लंबे वक्त से कर रहे होंगे, मौका मिला तो अपनी प्लानिंग को अंजाम दे दिया।

जेलर ने स्कूटी से पीछा किया

सब कुछ ठीक ही चल रहा था। महासमुंद की इस जेल में दोपहर के खाने के बाद कैदी अपने-अपने बैरक में थे। कुछ बाहर कैंपस में रूटीन के कामों में लगे थे। इसी में भागने वाले भी शामिल थे। जेल के जेलर आरएस सिंह ने बताया कि मेरे पास कर्मचारी आए और बंदियों के भागने की जानकारी दी। करीब साढ़े तीन बजे थे, मैंने जेल में अलार्म बजवाया, ड्यूटी पर तैनात दूसरे कर्मचारी भी अलर्ट हो गए। मैं अपने स्कूटर पर बंदियों के पीछे निकला, मगर वो अलग-अलग दिशा में भागने में कामयाब रहे। टीम ने उन्हें तलाशने का प्रयास किया मगर वो निकल गए। इसके बाद हमने अफसरों को इसकी जानकारी दी।

वो 30 मिनट और भाग निकले कैदी

महासमुंद जिले की ASP मेघा टेंभुरकर ने पूरे घटनाक्रम की जांच की और जेल के अफसरों की इस लापरवाही पर उन्हें फटकार लगाई। कैदियों के भागने का करीब 30 मिनट का CCTV फुटेज सामने आया है। दैनिक भास्कर को ASP ने बताया कि मैंने फुटेज में देखा कि ये कैदी शॉल या कंबल को जोड़कर एक मोटी रस्सी बनाए हुए थे। इसके दूसरे छोर पर लोहे का एक एंगल लगा हुआ था। इसे वो दीवार पर फेंक रहे थे। कई बार एंगल सरककर नीचे गिर रहा था। दो से तीन बार शॉल या कंबल को जोड़कर बनी रस्सी टूट रही थी।

हर बार वो इसे भी जोड़ते दिख रहे हैं, फिर कोशिश कर रहे हैं। 5 में से 4 एंगल को दीवार पर फंसाने का काम कर रहे थे। एक इस दूसरों पर नजर रखा हुआ था। इसके बाद उनका एंगल दीवार पर फंस गया। फिर इसी के सहारे ये ऊपर चढ़े। ये सब करने में उन्हें आधे घंटे का वक्त लगा। इस वक्त यहां गार्ड की ड्यूटी लगी होने की बात सामने आई है, मगर बिना लापरवाही के ये मुमकिन नहीं हो सकता, हम जांच कर रहे हैं।


लूट और बलात्कार के हैं आरोपी

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भागे हुए कैदी में शामिल 33 साल का धनसाय, 24 साल का डमरूधर और 22 साल का राहुल लूट के आरोपी हैं। महासमुंद में ही इन्होंने एक वारदात को अंजाम दिया था साल 2019 से ये इसी जेल में थे। इनमें से राहुल यूपी का रहने वाला है और अन्य दो महासमुंद के ही निवासी हैं। 23 साल के दौलत को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 21 साल का करण नशीली चीजें रखने के मामले में पकड़ा गया था, ये दोनों भी महासमुंद के ही रहने वाले हैं।

21 फीट की दीवार फांदने वालों की तलाश जारी

कैदियों कि भागने की सूचना मिलते ही ASP मेघा टेंभुरकर भी मौके पर पहुंचीं। वो फौरन जेल के CCTV कंट्रोल रूम में गईं। वहां अफसरों ने देखा कि बंदी दीवार फांदकर भागने कोशिश कर रहे हैं और दीवार की दूसरी ओर कूद गए। ये दीवार 21 फीट ऊंची है। इस दीवार को बड़ी आसानी कैदियों का पार कर जाना अफसरों को परेशान कर रहा है। फिलहाल पूरे शहर में नाकेबंदी कर दी गई है। अब भागे हुए बंदियों की जानकारी पेट्रोलिंग टीम को दी गई है। पुलिस की खास टीमें इन्हें ढूंढने के मिशन पर हैं।

प्लानिंग में कहीं कोई अंदर का आदमी तो शामिल नहीं

पुलिस अफसरों की एक टीम बंदियों की तलाश कर रही है। दूसरी टीम इस बात की जांच में जुटी है कि आखिर ये 5 आरोपी भागे कैसे। एक चर्चा ये भी है कि अंदर ही किसी कर्मचारी या किसी और पुराने बंदी ने 5 कैदियों को भागने में सहयोग किया होगा। 21 फीट ऊंची दीवार फांदना वो भी बिना किसी मदद के मुमकिन नहीं। हालांकि अफसर इस पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं, लेकिन जांच हर पहलू पर जारी है। जेल में फेंसिंग और सुरक्षा के दूसरे उपायों पर भी अब सवाल खड़े हो रहे हैं।

अफसर मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेते दिखे, पुलिस का दावा है कि फरार कैदी जल्द पकड़ लिए जाएंगे।

जंगली इलाके का फायदा उठाकर निकले

कैदियों का पीछा करने वाले एक पुलिस जवान से मिली जानकारी के मुताबिक ये बदमाश दीवार से कूदते ही तेजी से भाग रहे थे। दूसरी तरफ से पीछा करने वाली टीम निकली। जेल महासमुंद के बेमचा इलाके में स्थित है। जेल के आस-पास कुछ नहीं है। खाली जमीन और जंगली इलाका है। गांव भी दूर है। इसी का फायदा उठाकर निकलने में कैदी कामयाब रहे। अब गांव में भी पेट्रोलिंग टीम एक्टिव है, पुलिस के मुखबीरों को भी अलर्ट रहने कहा गया है।