भोपाल। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 की प्रतियोगिता में पहली बार कोरोना वारियर्स को रखा गया है। कोरोना वारियर्स को टीका लगा होना व उनके स्वास्थ्य बीमा एवं जीवन बीमा होना चाहिए। साथ ही कोरोना वारियर्स की अगर मृत्यु हुई है तो उसके आश्रितों को 100 प्रतिशत मुआवजा मिला है या नहीं। इसके 200 अंक रखे गए हैं। वहीं इस बार वायु प्रदूषण को कम करने के भी अंक रखे गए हैं। इसके लिए गड्ढे वाली सड़कें एवं खस्ताहाल फुटपाथ की जगह पेवर्स लगे हुए हरे भरे फुटपाथ होने चाहिए। इसके लिए भी स्वच्छ सर्वेक्षण में 150 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण पहले से काफी पारदर्शी और कठिन होगा। स्वच्छ सर्वेक्षण की निगरानी डिजिटल तरीकों से की जाएगी। इसके लिए नगरीय निकायों को स्वच्छता सहित विभिन्न कैटेगरी की प्रतियोगिताओं का डिजिटल डॉक्यूमेंटेंशन कर उन्हें आनलाइन करके लिंक विभाग को भेजना होगी। जहां से निगम के कार्यों की निगरानी की जाएगी।स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में इस बार अंकों में भी बदलाव किया गया है। इस बार खुले में टायलेट करने से रोकने के लिए यलो स्पॉट की पहचान कर उनकी मार्किंग करने का प्रविधान रखा गया है। यह पहचान स्वच्छता एप के माध्यम से की जानी है। साथ ही निगम की संपत्तियों को जीयो टैग से जोड़ा जाएगा। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों की भी शतप्रतिशत भागीदारी मांगी गई है।

वायु प्रदूषण कम करने के अंक
स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार 150 अंक वायु प्रदूषण को कम करने के रखे गए हैं। इसके लिए निगम को विभिन्ना कार्य करने हैं, लेकिन वर्तमान समय में शहर की हालत इस मामले में काफी खराब है। शहर की सभी सड़कें बिना गड्ढों की होनी चाहिए, साथ ही फुटपाथ पर पेवर्स होने चाहिए, वह भी बिना टूटे हुए। हकीकत यह है कि शहर की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हैं, अमृत के दौरान खोदी गई सड़कों का अभी तक रेस्टोरशन नहीं किया गया है। फुटपाथ सीसी के बनाए गए हैं । साथ ही सड़कों के किनारे मिट्टी है, जिसके कारण सड़कों पर धूल उड़ती है। शहर की दो से तीन सड़कें ही पेवर्स से बनी हैं।