बिहार | पिछले तीन दिनों से बिहार में बारिश हो रही है।बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया। गंगा, कोसी सहित कई नदियों का पानी उफान पर है। नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बारिश के कारण कई गांव जलजग् हो गए। यातायात पूरी तरह प्रभावित है। बच्चों को स्कूल जाने और आने में काफी परेशानी हो रही है। रेल परिचालन पर भी असर पड़ा है।

सुपौल में मंगलवार की रात कोसी नदी में अचानक उफान आने से सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड क्षेत्र के आधे दर्जन गांव में बाढ़ का पानी फैल गया है। पानी के फैलने से लोगों के फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। धान की फसल पानी के बीच डूब गई है जिसको लेकर किसान काफी चिंतित हो उठे हैं। फिर रातों-रात पानी लोगों के घर-आंगन में प्रवेश कर गया जिससे आवागमन की भी समस्या खड़ी हो गई है।

बारिश तेज हवा से धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। फसलें खेतों में बिछ गई है। किसानों ने फसलों के नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग की है। तीन दिनों से सरायगढ़ प्रखंड क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होने के कारण लोगों के धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। धान की फसल पानी में डूबी हुई है और इसको लेकर किसान काफी ङ्क्षचतित हैं। प्रखंड क्षेत्र के छिटही हनुमाननगर, शाहपुर-पृथ्वीपट्टी, लौकहा, झिल्ला डुमरी, पिपराखुर्द, मुरली, सरायगढ़, चांदपीपर, भपटियाही, ढ़ोली, बनैनियां, लालगंज आदि पंचायत से कई किसानों ने बताया कि धान की फसल को इस तरह से नुकसान हुआ है कि आगे का समय काटना मुश्किल हो जाएगा। किसानों ने जिला पदाधिकारी से बर्बाद हुए धान के फसल की तत्काल जांच कराकर उचित मुआवजा देने का अनुरोध किया है।

कोसी तटबंध के अंदर का सीओ ने जाना हाल

नेपाल के तराई इलाके में लगातार बारिश जारी रहने की वजह से कोसी का जलस्तर देर रात से ही बढने लगा है। कई सालों बाद अक्टूबर माह में कोसी का 2 लाख 66 हजार क्यूसेक डिस्चार्ज रिकार्ड किया गया है। जिसको लेकर प्रशासन भी अलर्ट मोड में गया है। वहीं तटबंध के भीतर बसे लोगों को बाहर निकालने के लिए नाव की भी व्यवस्था कर ली गयी है। प्रशासन का मानना है कि अगर कोसी का डिस्चार्ज 3 लाख के पार जाता है तो तटबंध के भीतर बसे लोगों को बाहर निकालने का काम किया जाएगा। इस बाबत सुपौल सदर अंचल के सीओ ङ्क्षप्रस राज बताते हैं कि प्रशासन किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर कोसी का डिस्चार्ज बढता है तो तटबंध के भीतर बसे लोगों को बाहर निकाला जायेगा और अन्य व्यवस्था की जायेगी।