इस्लामाबाद । पाकिस्तान के आम नेताओं से लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान तक महिलाओं के प्रति रुढ़िवादी और आपत्तिजनक बयान देते रहते हैं। अब अभिनेत्री और मॉडल सदफ कंवल के बयान से एक नई बहस शुरू हो गई है। एक कार्यक्रम में पति के साथ पहुंची सदफ कंवल ने कहा कि फेमिनिज्म का असल मतलब अपने पति की केयर करना और उसका समुचित सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार और संस्कृति ने उन्हें यही सिखाया है। 
सदफ कंवल ने कहा पति का सम्मान हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है और उनकी देखभाल करना, उनके जूते उठाना, कपड़े प्रेस करना पत्नी के सामान्य कर्तव्यों में शामिल हैं। एक शो में अपने पति शहरोज सब्जवरी के साथ आई सदफ ने कहा हमारे पति ही हमारी संस्कृति हैं। मैंने उनसे शादी की है, तो मुझे उनकी अच्छे से देखभाल करनी होगी, उनके जूते भी उठाने होंगे, कपड़े प्रेस करने होंगे, जो मैं बहुत कम करती हूं लेकिन मुझे पता है कि उनके कपड़े कहां होते हैं। मुझे उनका हर सामान पता होता है कि कहां है। 
एक पत्नी के रूप में मुझे पता होना चाहिए कि उन्हें कब खाना है और क्या खाना, क्योंकि मैं उनकी पत्नी हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें यह सब पता होना चाहिए क्योंकि वह एक औरत हैं। उन्होंने कहा उन्हें यह इसलिए लगता है क्योंकि वह यही देखकर बड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा फेमिनिज्म का मतलब पति की केयर करना और सम्मान करना है। सदफ के इस बयान की तीखी आलोचना हुई है। कुछ लोगों ने उनके ऊपर इस फेमिनिज्म और पितृसत्ता जैसे संवेदनशील मुद्दों को आर्थिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। वहीं, दूसरे लोगों का कहना है कि सदफ के बयान से साफ होता है कि समाज में पुरुषों को महिलाओं से श्रेष्ठ समझने की मानसिकता किस हद तक बैठी हुई है कि एक तथाकथित मॉडर्न महिला इसकी वकालत कर रही है।