भोपाल । नगर निगम भोपाल के आयुक्त के.वी.एस. चौधरी ने एन.टी.पी.सी. के डायरेक्टर फाइनेंस एवं चेयरमेन एन.वी.वी.एन., अनिल कुमार गौतम के साथ आदमपुर छावनी में स्थापित किये जाने वाले सालिड वेस्ट से टोरेफाइड चारकोल निर्माण हेतु प्लांट की स्थापना के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की। निगम आयुक्त श्री चौधरी एवं एन.टी.पी.सी. डायरेक्टर श्री गौतम एवं अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में प्लांट की स्थापना के लिये अगस्त 2021 तक अनुबंध निष्पादित किया जाना निर्धारित किया गया है। नगर निगम एवं एन.टी.पी.सी. के साथ अनुबंध निष्पादन के पश्चात्् प्लांट की स्थापना का कार्य शीघ्र शुरू हो सकेगा।  
निगम आयुक्त के.वी.एस. चौधरी और डायरेक्टर फायनेंस एन.टी.पी.सी. एवं चेयरमेन, एन.वी.वी.एन.,  अनिल कुमार गौतम, सी.ई.ओ. एन.वी.वी.एन.  मोहित भार्गव एवं जनरल मैनेजर, एन.टी.पी.सी.  अमित कुलश्रेष्ठ द्वारा नई दिल्ली में बुधवार को प्लांट की स्थापना के लिये चर्चा की गई और साथ ही अगस्त-2021 तक अनुबंध निष्पादन किया जाना निर्धारित किया गया। निगम आयुक्त और एन.टी.पी.सी. के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिये गये निर्णय से आदमपुर छावनी में चारकोल निर्माण के लिये प्लांट की स्थापना का कार्य शीघ्र शुरू हो सकेगा और कचरे से बनने वाले कोयले का कार्य भी शुरू किया जा सकेगा।  
 भोपाल शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट से टोरेफाईड चारकोल निर्माण हेतु प्लांट की स्थापना के संबंध में एन.टी.पी.सी. से दिनांक 27/10/2020 को एम.ओ.यू. हस्ताक्षर किया जा चुका है। उक्त प्लांट की क्षमता 400 टन प्रतिदिन सूखे कचरे से चारकोल निर्माण की होगी। यह कार्य बिल्ट ऑन ऑपरेट मॉडल पर आधारित है।  
उक्त प्लांट की स्थापना एवं संचालन-संधारण कार्य एन.टी.पी.सी. द्वारा ही 25 वर्ष तक किया जाना है। नगर निगम, भोपाल द्वारा 400 टन प्रतिदिन ( + 20 प्रतिशत) सूखा कचरा जिसकी ळब्ट ;ळतवे ब्ंसवतपपिब अंसनमद्ध 2000.2500 ाबंसधह साईट पर निशुल्क उपलब्ध कराना होगा साथ ही कचरे से बनने वाले कोयले पर एन.टी.पी.सी. का पूर्ण अधिकार होगा। प्लांट की स्थापना में 15 माह का समय लगना संभावित है तथा स्थापना में राशि रू. 80 करोड़ का व्यय अनुमानित है जो कि पूर्ण रूप से एन.टी.पी.सी. द्वारा वहन किया जावेगा। प्लांट की स्थापना हेतु आदमपुर छावनी में 15 एकड़ भूमि एन.टी.पी.सी. को आवंटित किया जाना है। नगर निगम, भोपाल द्वारा स्थल तक पानी एवं बिजली उपलब्ध कराई जावेगी। 
उक्त कार्य इस बिल्ट ऑन आपरेट  मॉडल पर किये जाने से नगर निगम, भोपाल पर कोई व्यय भारित नहीं होगा साथ ही वर्तमान में कचरे के प्रोसेसिंग हेतु व्यय होने वाली प्रतिवर्ष राशि रू. 4,86,18,000/- रु. की राशि की बचत होगी।