उज्जैन 1मार्च/ सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने उज्जैन जंतर मंतर पर दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जंतर मंतर पर शुक्रवार को उज्जैन में जीवाजी वैधशाला पर नवस्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन किया और इस अवसर पर उन्होंने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लैव में शामिल हुए निवेशकों को वैदिक घड़ी के महत्व और विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समय के बदलते चक्र में उज्जैन में स्थापित दुनिया की पहली वैदिक घड़ी मध्यप्रदेश एवं देश का नाम दुनिया में बढ़ायेगी। अब भारत का समय दुनिया में जाना जायेगा।
उल्लेखनीय है कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का निर्माण लखनऊ की संस्था 'आरोहण' के आरोह श्रीवास्तव ने बनाई है। इसमें GMT के 24 घंटों को 30 मुहूर्त (घटी) में बांटा गया है। हर घटी का धार्मिक नाम और खास मतलब होगा। घड़ी में घंटे, मिनट और सेकंड वाली सुई भी रहेगी। सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर यह टाइम की कैलकुलेशन करेगी। मुहूर्त गणना, पंचांग, मौसम से जुड़ी जानकारी भी हमें इस घड़ी के जरिए मिलेगी।वैदिक घड़ी में वैदिक समय, IST, GMT के साथ भारतीय काल गणना विक्रम संवत् की जानकारी मिलेगी। विक्रम संवत् पंचांग (भारतीय प्राचीन कैलेंडर) शामिल रहेगा। सूर्योदय से सूर्यास्त के साथ ग्रह, योग, भद्रा, चंद्र स्थिति, नक्षत्र, चौघड़िया, सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण की जानकारी देगा। अभिजीत मुहूर्त, ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल और मौसम से जुड़ी सभी जानकारी मिल सकेगी। घड़ी में हर घंटे बाद बैकग्राउंड में नई तस्वीर दिखेगी। द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, नवग्रह, राशि चक्र के साथ दूसरे धार्मिक स्थल भी दिखाई देंगे। देश-दुनिया के खूबसूरत सूर्यास्त, सूर्य ग्रहण के नजारे भी दिखेंगे। वैदिक घड़ी इंटरनेट और ग्लोबल पॉजिशिनिंग सिस्टम (GPS) से जुड़ी होगी।वैदिक घड़ी से जुड़ा मोबाइल ऐप भी लॉन्च होगा। वैदिक घड़ी के सभी फीचर इस एप में रहेंगे। उज्जैन में लगने वाली घड़ी में जो बदलाव होंगे, वो एप में भी शो होंगे। आप इसे मैन्युअल भी ऑपरेट कर सकेंगे। इसे आप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे। उज्जैन को काल गणना (टाइम कैलकुलेशन) का केंद्र माना जाता रहा है। उज्जैन से कर्क रेखा (ट्रॉपिक ऑफ कैंसर) गुजरी है।
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की खासियत, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयास से उज्जैन को टाइम कैलकुलेशन का सेंटर बनाने की भूमिका रही है। महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी शुरू हो गई है। इस घड़ी के माध्यम से सूर्योदय का समय, मुहूर्त,काल, विक्रम संवत कैलेंडर, राहुकाल, पंचांग, समय की गणना वैश्विक स्तर पर क़ी जा सकती है। इस घड़ी के माध्यम से 30 मुहूर्त देखे जा सकते हैं। हर घंटे में इस घड़ी की गणना बदल जाएगी। हिंदू कॉल गणना के अनुसार यह दुनिया की पहली वैदिक घड़ी है। इसका मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया है। जिसके कारण यह दुनिया भर में देखी जा सकती है। विक्रम पंचांग के अनुसार सूर्यास्त,सूर्योदय,ग्रह,भद्रा,चंद्र की स्थिति, चौघड़िया, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण, नक्षत्र, अभिजीत, ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल, मौसम इत्यादि का पता इस घड़ी के माध्यम से वैश्विक स्तर पर चलेगा। ज्योतिष की दृष्टि से यह घड़ी बड़ी महत्वपूर्ण है। वैदिक घड़ी के माध्यम से लोगों को भारतीय वैदिक परंपरा मे समय की गणना से परिचय कराना इसका मुख्य उद्देश्य है। इस घड़ी को लखनऊ की संस्था आरोहण के आरोह श्रीवास्तव द्वारा डिजिटल तरीके से तैयार की गई है। वैदिक रीति के अनुसार 48 मिनट का 1 घंटा होता है। इस घड़ी को 30 मुहूर्त में बांटा गया है। वैदिक परंपरा एवं विशेषताओं के कारण यह देश और दुनिया की पहली डिजिटल वैदिक घड़ी है। बीके इंजी नरेश बाथम