भोपाल 29जुलाई/ मंगलवार मानसून सत्र का दूसरा दिन महिला विधायकों को मिली विशेष प्राथमिकता
मंगलवार का दिन विधानसभा में विशेष रूप से महिला विधायकों के लिए महत्वपूर्ण रहा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के कार्यकाल में शुरू की गई यह व्यवस्था है कि सप्ताह में एक दिन महिला विधायकों को प्रश्न पूछने हेतु प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में सदन की कार्यवाही की शुरुआत महिला विधायकों के प्रश्नकाल से की गई।
कांग्रेस विधायकों द्वारा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया: अजय सिंह (कांग्रेस विधायक) राज्य के प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस वसूली को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
प्रदीप लारिया:बुजुर्गों और विधवा पेंशन की राशि में वृद्धि न होने पर चिंता व्यक्त की।
हरदा जिले के राजपूत छात्रावास में लाठीचार्ज,देवास जिले के खूबानी गांव में बारिश के दौरान आदिवासियों के घरों को तोड़े जाने की कार्रवाई,और राज्य की खराब सड़कों के मुद्दे पर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी की।
बीजेपी विधायक अर्चना चिटनीस का श्रमिकों के भुगतान का मुद्दा: सहकारी सूती मिल मर्यादित के श्रमिकों को समय पर भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दो पीढ़ियों से भुगतान लंबित है और अब श्रमिकों की सूची बन चुकी है। उत्तर में मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा एक समिति मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित की गई है और श्रमिकों का सूचीबद्धीकरण किया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आश्वासन दिया: “हमारी सरकार मजदूरों की समर्थक है, जल्द से जल्द मामले का समाधान किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री और विपक्ष में तीखी नोकझोंक कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि मुख्यमंत्री के विभाग से संबंधित 16 सवालों के अधूरे जवाब दिए जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा: “आज नागपंचमी है तो आप भैंस लेकर आए हैं, कभी गिरगिट लेकर आते हैं। आप चुने हुए प्रतिनिधि हैं, मर्यादा बनाए रखें।”
कैलेंडर वितरण में भ्रष्टाचार का मुद्दा विधायक अनुभा मुंजारे ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कैलेंडर वितरण में हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। मंत्री निर्मला भूरिया ने स्वीकारा कि: 1,64,000 कैलेंडर वितरित नहीं किए गए। जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है।
सत्र से पहले कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस बार उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से भैंस के सामने बीन बजाई, जो सरकार पर तंज के रूप में देखा गया।
29 जुलाई का मानसून सत्र का यह दिन महिला सशक्तिकरण की पहल, जनहित से जुड़े मुद्दों और पक्ष-विपक्ष के तीखे संवादों के कारण खास रहा। एक ओर जहां महिला विधायकों को प्राथमिकता दी गई, वहीं विपक्ष ने जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया। सत्र में श्रमिकों, छात्रों, महिलाओं और आदिवासियों से जुड़े मुद्दों ने प्रमुखता से स्थान पाया।

NSG कमांडोज का दमदार प्रदर्शन, भोपाल में ‘पराक्रम’ शो ने बढ़ाया जोश
राहुल गांधी बोले, LPG संकट में PM मोदी नाकाम, कोविड काल जैसी परेशानी दोहराई जा रही
व्यवस्था पर सवाल: सूखी लकड़ी न मिलने पर बेटी का दाह संस्कार डीजल और टायर से
चेन्नई में विजय का चुनावी दौरा रद्द, TVK प्रमुख ने समय और सुरक्षा पाबंदियों का हवाला दिया
अमित शाह का बड़ा बयान—एनडीए सत्ता में आई तो गोल्ड स्मगलिंग आरोपियों को 2 महीने में जेल