मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विपक्ष के वरिष्ठ विधायक बाला बच्चन द्वारा प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि जनवरी 2024 से जून 2025 तक कितनी महिलाएं एक महीने से अधिक समय से लापता हैं और दुष्कर्म के कितने मामले दर्ज हुए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लिखित जवाब मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रस्तुत अपने लिखित उत्तर में चौंकाने वाले आँकड़ों का खुलासा किया जनवरी 2024 से जून 2025 तक 21,175 महिलाएं एक महीने से अधिक समय से लापता हैं। यानी, हर दिन औसतन 38 महिलाएं प्रदेश से लापता हो रही हैं। इसी अवधि में 10,840 महिलाओं और नाबालिगों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं दर्ज हुईं। यानी, प्रति दिन औसतन 20 मामलों की दर से दुष्कर्म की घटनाएं हुईं।

पिछले आंकड़ों से तुलना 1 जुलाई 2021 से 31 मई 2024 के बीच:कुल 28,857 महिलाएं और 2,944 लड़कियां लापता हुईं। यानी 1,040 दिनों में प्रतिदिन औसतन 28 महिलाएं और 3 लड़कियां लापता हुईं। महिलाओं की गुमशुदगी के केवल 724 प्रकरण दर्ज हुए, जो कुल मामलों का सिर्फ 3% है। इंदौर जिला सबसे आगे रहा, जहाँ 2,588 महिलाएं और 254 लड़कियां लापता हुईं। भोपाल में 1,096 महिलाएं लापता रहीं, जिनमें 110 नाबालिग लड़कियां थीं। इसी अवधि में 14,456 महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म हुआ। इनमें 6,313 महिलाएं और 8,140 नाबालिग लड़कियां शामिल थीं। 6,316 मामले नाबालिगों से दुष्कर्म के थे। वर्तमान स्थिति की गंभीरता 21 मई 2024 तक की तुलना में अब लापता महिलाओं की दर में 35.71% की वृद्धि देखी गई है।दुष्कर्म के मामलों में 33% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो पहले औसतन रोज़ाना 15 थी,अब 20 हो गई है।

विधानसभा में पेश यह आंकड़े प्रदेश में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक स्थिति को दर्शाते हैं। विपक्ष ने इन आंकड़ों के आधार पर सरकार से महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने इस विषय में सरकार की प्रतिबद्धता जताई है और आश्वासन दिया है कि महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal