भोपाल 29जुलाई/मध्य प्रदेश विधानसभा विधायकों के वेतन एवं पेंशन में बढ़ोतरी की सिफारिश
मध्य प्रदेश विधानसभा की सदस्य सुविधा समिति ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को विधायकों के वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव सौंपा। यह प्रस्ताव वर्ष 2016 के बाद पहली बार सामने आया है और इसके तहत विधायकों के वेतन में लगभग 63 प्रतिशत की वृद्धि और पूर्व विधायकों की पेंशन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है।
वेतन में वृद्धि वर्तमान में विधायकों को सभी भत्तों सहित लगभग ₹1.10 लाख मासिक वेतन मिलता है, जिसे बढ़ाकर ₹1.75 लाख करने की सिफारिश की गई है। पेंशन में वृद्धि: पूर्व विधायकों को दी जाने वाली न्यूनतम पेंशन ₹35,000 से बढ़ाकर ₹75,000 प्रतिमाह करने का सुझाव समिति ने दिया है।स्वेच्छानुदान एवं निधि विधायकों को मिलने वाले स्वेच्छानुदान में भी ₹2.50 लाख की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।आउटसोर्सिंग सुविधाएँ समिति ने यह भी सिफारिश की है कि विधायकों के लिए निजी सहायक, वाहन चालक और कार्यालय सहायक जैसे पद आउटसोर्स किए जाएं ताकि उन्हें बेहतर सहायक सुविधा मिल सके। 9000 आवासीय मांगें पूरी समिति ने यह भी अवगत कराया कि विधायकों की 9000 से अधिक आवासीय मांगें अभी लंबित हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने की आवश्यकता है।
अन्य राज्यों की तुलना में वेतन विवरण: राज्य वेतन (मासिक)
महाराष्ट्र ₹3.10 लाख
तेलंगाना ₹2.75 लाख
झारखंड ₹2.00 लाख
कर्नाटक ₹1.92 लाख
राजस्थान ₹1.92 लाख
छत्तीसगढ़ ₹1.75 लाख
समिति की भूमिका समिति की कई दौर की बैठकों और वरिष्ठ विधायकों की रायशुमारी के बाद यह प्रस्ताव अंतिम रूप में तैयार किया गया। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अन्य वरिष्ठ सदस्य इस बैठक में उपस्थित थे। प्रस्ताव को अंतिम सहमति के बाद जल्द ही मुख्यमंत्री को भेजे जाने की संभावना है। यह पहल राज्य के जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता और गरिमा को ध्यान में रखते हुए की गई है, ताकि वे बेहतर ढंग से जनसेवा कर सकें।

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