दमोह/किसानों की हर फसल का मिलेगा उचित मूल्य,सरकार भावांतर योजना को बना रही सशक्त पशुपालन मंत्री पटेल
दमोह में भावांतर योजना पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन,मंत्री लखन पटेल ने कहा – “भावांतर किसानों के आत्मसम्मान की योजना है,मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों को उचित मूल्य की गारंटी,ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन प्रक्रिया 3 से 17 अक्टूबर तक,किसानों से समय पर पंजीयन और सक्रिय भागीदारी की अपील,किसानों के सुझावों को राज्यस्तर पर लागू करने की तैयारी।
मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भावांतर भुगतान योजना किसानों की आय सुरक्षा का मजबूत माध्यम है, जिससे किसान बंधुओं को उनकी उपज का उचित और सम्मानजनक मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
भावांतर योजना पर विस्तृत चर्चा और किसानों से सुझाव आमंत्रित: दमोह के शासकीय ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव महाविद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में मंत्री पटेल ने अधिकारियों, कृषक संगठनों और किसानों से संवाद करते हुए कहा कि “भावांतर योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि किसानों के आत्मसम्मान और मेहनत की कीमत सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब अपनी उपज को औने-पौने दामों पर बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार बाजार में भाव गिरने पर किसानों को भावांतर की राशि सीधे उनके खातों में प्रदान करेगी।
ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन प्रारंभ किसानों से समय पर पंजीयन कराने की अपील: मंत्री पटेल ने जानकारी दी कि आज से ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है, जो 17 अक्टूबर 2025 तक चलेगी। उन्होंने सभी किसान बंधुओं से अपील की कि वे समय पर अपना पंजीयन करवाएं, ताकि उन्हें समर्थन मूल्य और भावांतर योजना का पूर्ण लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के हित सर्वोपरि: मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनते हैं और हर संभव समाधान सुनिश्चित करते हैं। प्रदेश सरकार ने अब तक सिंचाई, बीज, खाद, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और फसल बीमा योजनाओं को एकीकृत रूप से किसानों के हित में लागू किया है। उन्होंने कहा कि “सरकार किसानों की मेहनत की कीमत चुकाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हर खेत में खुशहाली और हर किसान के चेहरे पर मुस्कान लाना ही हमारा लक्ष्य है।”
कृषि को आत्मनिर्भर भारत का आधार बनाने का संकल्प: कार्यशाला में उपस्थित किसानों ने भावांतर योजना के संचालन में सुधार के लिए सुझाव दिए, जिन पर मंत्री पटेल ने गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की राय के आधार पर योजनाओं में सुधार कर रही है ताकि मध्यप्रदेश ‘कृषि प्रधान राज्य’ से आगे बढ़कर ‘कृषि उत्कृष्ट राज्य’ के रूप में पहचाना जाए।

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