भोपाल 20अक्टूबर/अंधकार से प्रकाश की ओर दीपों का पर्व बने सच्चे संकल्प का प्रतीक मप्र मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल
“जहाँ राम हैं, वहाँ प्रकाश है — जहाँ सत्य है, वहीं दिव्यता है”
भोपाल/भारतभूमि पर प्रतिवर्ष हर्षोल्लास से मनाया जाने वाला दीपों का पर्व दीपावली इस वर्ष 18, 19 और 20 अक्टूबर को क्रमशः धनतेरस, छोटी दीपावली और बड़ी दीपावली के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है।
मध्य प्रदेश के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों, मीडिया परिवार, समाज के गणमान्य नागरिकों और अपने सभी शुभचिंतकों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि “मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर हम सब अपने जीवन में सत्य, करुणा, सेवा और सद्भाव के दीप प्रज्वलित करें। यह दीपोत्सव आपके जीवन में नई ऊर्जा, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। दीपों की यह रौशनी हमारे रिश्तों को और अधिक स्नेह, विश्वास व अपनत्व के बंधन में जोड़े।”
आशीष अग्रवाल ने कहा कि दीपावली का पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि यह स्वच्छता, सकारात्मकता और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि जैसे श्रीराम के अयोध्या आगमन पर दीपोत्सव की रौशनी ने अंधकार को मिटाया था, वैसे ही आज हमें अपने मन, समाज और राष्ट्र से नकारात्मकता को मिटाकर नई उमंगों और उजाले का संकल्प लेना चाहिए।
मीडिया प्रभारी ने यह भी कहा कि “धनतेरस स्वास्थ्य और समृद्धि का संदेश देता है, छोटी दीपावली स्नेह का और बड़ी दीपावली आत्मिक प्रकाश का प्रतीक है। आइए, इस पर्व को स्वच्छता, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ मनाएँ, ताकि हर घर में सच्चे अर्थों में प्रकाश का दीप जल सके।”
मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने विशेष रूप से मीडिया कर्मियों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया समाज का दर्पण है, और दीपावली जैसे पर्व हमें जिम्मेदारी, संतुलन और संवेदनशीलता की भावना के साथ समाज को जोड़ने का अवसर देते हैं।“दीपों की यह श्रृंखला हर घर को प्रकाशित करे,
हर मन में नई आशा जगाए,
यही हमारी सच्ची दीपावली होगी।”
दीपावली का पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि प्रकाश, सत्य और एकता का प्रतीक है।
प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेकर हम सबको सकारात्मकता फैलाने का संकल्प लेना चाहिए।
मीडिया समाज के जागरूकता दीपक हैं — उनकी निष्ठा और सेवा का सम्मान जरूरी है।
स्वच्छता, सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्व मनाने का आग्रह।
“जहाँ प्रकाश है, वहाँ विकास है — यही दीपावली का सच्चा संदेश है।”

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