सीएम ने कहा सुशासन के लिए नवाचार आवश्यक,शिकायत रहित जिलों को मिलेगा पुरस्कार।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समस्त भवन में आयोजित “समाधान ऑनलाइन” कार्यक्रम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों और अधिकारियों से कहा कि कार्य पद्धति को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए नवाचार और नए प्रयोग करें, ताकि नागरिकों के कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता जनता के प्रत्येक प्रकरण का त्वरित निराकरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन में जिन जिलों अथवा विभागों में न्यूनतम शिकायतें होंगी, उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा, और जहां शिकायतें शून्य स्थिति में होंगी, उन्हें विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यों से सुशासन की मिसाल कायम करें।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबित प्रकरणों का समाधान भी कराया और अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा में तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया तथा 19 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इनमें 5 शासकीय सेवकों की वेतनवृद्धि रोकी गई, 6 को कारण बताओ नोटिस, 7 के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक प्रकरण में विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि शैक्षणिक परिसरों और छात्रावासों का समय पर निरीक्षण अनिवार्य रूप से करें, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिले। समीक्षा में रायसेन और दतिया जिले तथा ऊर्जा विभाग को समाधान कार्यों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर अब्बल बताया गया।

डॉ. यादव ने कहा — “नागरिकों की संतुष्टि ही सुशासन का सबसे बड़ा मानदंड है, इसलिए हर अधिकारी अपने कार्य से जनता का विश्वास अर्जित करे।”

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal