14 नवंबर 2025 बिहार विधानसभा चुनाव के ताज़ा परिणामों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की लोकप्रियता, जमीनी जुड़ाव और प्रभावशाली चुनावी रणनीति को देशभर में एक बार फिर साबित कर दिया है। स्टार प्रचारक के रूप में बिहार पहुंचे मुख्यमंत्री ने 16 अक्टूबर से 9 नवंबर के दौरान 25 महत्वपूर्ण सीटों पर रोड शो, रैली और जनसभाओं के माध्यम से एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में जोरदार प्रचार किया। इसका सीधा असर यह रहा कि इन 25 में से 21 सीटों पर एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की, जो डॉक्टर यादव की प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।

डॉक्टर मोहन यादव ने चुनावी सभाओं में बिहार की जनता को मध्य प्रदेश के विकास मॉडल से परिचित कराते हुए बताया कि किस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में एमपी ने सुशासन, बुनियादी ढांचा, डिजिटल सेवाओं, महिला कल्याण और निवेश जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने जोर दिया कि जब सरकार की नीतियाँ पारदर्शिता, राष्ट्रहित और जनकल्याण पर आधारित हों, तब विकास स्वाभाविक रूप से जनता तक पहुँचता है। यही संदेश बिहार के मतदाताओं में गहराई तक प्रभावी हुआ। अपने वक्तव्य में मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए ने आम जनता के विश्वास को मजबूत बनाया है। सुशासन, स्वच्छ राजनीति और राष्ट्रवाद की भावना के साथ काम करते हुए मोदी जी ने लोकतंत्र को गौरवान्वित किया है। बिहार का जनादेश जनता की परिपक्वता और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत है।”

बिहार में मिले भारी जनसमर्थन ने डॉक्टर मोहन यादव की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भूमिका को और मजबूत किया है। हरियाणा के बाद लगातार दूसरे राज्य में उनके प्रभावशाली प्रचार ने चुनावी परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित किया, जिससे उन्हें भाजपा के प्रमुख राष्ट्रीय प्रचारकों की सूची में और अधिक वजन मिला है। एनडीए की 21 सीटों पर हुई ऐतिहासिक जीत में डॉक्टर यादव का योगदान न सिर्फ उल्लेखनीय रहा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उनका विकासोन्मुखी दृष्टिकोण और जन-जुड़ाव आने वाले समय में कई राज्यों की राजनीति को दिशा देने वाला है।

बीके इंजी नरेश बाथम