मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग के आयुक्त दीपक सक्सेना ने विभागीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए अधिकारियों को विभागीय कार्यशैली को और अधिक पेशेवर, पारदर्शी एवं जनता-केंद्रित बनाने के लिये महत्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क विभाग राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और संप्रेषण की रणनीति का मुख्य स्तंभ है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है कि वे सुनियोजित, समन्वित और परिणाममुखी कार्यप्रणाली अपनाएं।

कार्यशाला में आयुक्त ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि विभाग का प्रत्येक अधिकारी न केवल सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाए, बल्कि जमीनी स्तर पर मिलने वाले फीडबैक को समयबद्ध रूप से शासन तक पहुँचाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाग की कार्यकुशलता तभी बढ़ेगी जब सभी अधिकारी एक-दूसरे के साथ पूर्ण तालमेल, सहयोग और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे।

उन्होंने डिजिटल प्लेटफार्मों पर राज्य शासन की योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार, मीडिया से संवाद की गुणवत्ता बढ़ाने, और सूचना प्रसारण में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचना के प्रसार की गति तेज है, इसलिए जनसंपर्क विभाग को अपनी कार्यवाही में तेजी, सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखनी होगी।

आयुक्त सक्सेना ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विभाग की छवि और प्रभाव तभी मजबूत होगा जब प्रत्येक अधिकारी जिम्मेदारी, ईमानदारी और रचनात्मकता के साथ कार्य करेगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे विभागीय लक्ष्यों को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन, मीडिया प्रबंधन और जनभागीदारी को बढ़ाने के लिये नवाचारों को अपनाएँ।

कार्यशाला के अंत में उन्होंने समग्र रूप से विभाग की कार्यशैली को और बेहतर करने के लिए सुझाव आमंत्रित किए तथा आश्वस्त किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal