मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता के सामूहिक विवाह सम्मेलन में पतंजलि योगपीठ के संस्थापक, योग ऋषि बाबा रामदेव ने अपने आशीर्वचन देते हुए विवाह को नई आध्यात्मिक परिभाषा दी। “डेस्टिनेशन नहीं, डिवाइन वेडिंग” कहकर उन्होंने एक गहरा और प्रेरक संदेश देते हुए कहा कि विवाह केवल किसी भव्य स्थान पर होने वाला उत्सव नहीं, बल्कि दो आत्माओं का दैवीय संयोग है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में विवाह को अक्सर दिखावे, खर्च और भौतिक आकर्षण से जोड़ दिया जाता है, लेकिन भारतीय संस्कृति में विवाह जीवन का सबसे पवित्र संस्कार है। यह सिर्फ एक ‘डेस्टिनेशन’ या आयोजन नहीं, बल्कि दो परिवारों, दो संस्कृतियों और दो जीवन मूल्यों का मिलन है। बाबा रामदेव ने डॉ. मोहन यादव द्वारा अपने पुत्र का विवाह सामूहिक सम्मेलन में किए जाने को समाज के लिए आदर्श कदम बताया और कहा कि इससे पूरे प्रदेश को सादगी, सामाजिक समरसता और परंपरागत मूल्यों को पुनर्जीवित करने का प्रेरक संदेश मिला है।

उन्होंने कहा कि “डिवाइन वेडिंग” का अर्थ है विवाह को ईश्वर का वरदान मानकर उसे पवित्रता, संयम, प्रेम, निष्ठा और संस्कारों के साथ निभाना। रामदेवजी ने उपस्थित जनसमूह को संदेश देते हुए कहा कि विवाह सिर्फ दो लोगों का संबंध नहीं, बल्कि दो आत्माओं का ऐसा बंधन है जिसे परमात्मा भी आशीष देता है।

बाबा रामदेव ने नवदंपति को उज्जैन की पवित्र धरा पर जीवनभर धर्म, योग, स्वास्थ्य, सेवा और पारिवारिक मूल्यों को साथ लेकर चलने का आशीर्वाद दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सादगीपूर्ण पहल को “समाज को नई दिशा देने वाली पहल” बताते हुए उज्जैन से देशभर में एक सकारात्मक संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal