मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्रांति को नई गति,मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए तेज, प्रभावी और निर्णायक निर्देश।

मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की अध्यक्षता में विधानसभा के समिति कक्ष में ऊर्जा एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, सीएम कार्यालय के सचिव नीरज मंडलोई,जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना, ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, नवकरणीय ऊर्जा विभाग के एसीएस मनु श्रीवास्तव तथा विशेष सहायक महेंद्र द्विवेदी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान नवकरणीय ऊर्जा की उपलब्धियों को सराहते हुए विभाग को कार्यप्रणाली और गति बढ़ाने के स्पष्ट आदेश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना देश की अपनी तरह की पहली अनूठी परियोजना होगी, जो मध्यप्रदेश को ऊर्जा नवाचार के मानचित्र पर अग्रणी स्थान पर स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए प्रमुख आदेशात्मक निर्देश

मुरैना सोलर सह स्टोरेज परियोजना को समय सीमा में पूरा करने के लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज किया जाए।

प्रदेश में चल रही सोलर पार्क परियोजनाओं के विस्तार की योजनाओं को प्राथमिकता देते हुए नई भूमि एवं तकनीक उपलब्ध कराई जाए।

उन सोलर पार्कों की क्षमता बढ़ाने के निर्देश जिनसे भारतीय रेल को बिजली आपूर्ति की जा रही है, ताकि राष्ट्रीय आवश्यकताओं में मध्यप्रदेश की भूमिका और मजबूत हो।

सभी चल रही परियोजनाओं में वित्तीय स्वीकृतियों, टेंडरिंग और ग्राउंड वर्क की निगरानी को प्रतिदिन की समीक्षा प्रणाली से जोड़ने के निर्देश।

ऊर्जा विभाग को ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क सुदृढ़ करने तथा नवीकरणीय ऊर्जा आधारित मिनी-ग्रिड मॉडल तेजी से लागू करने के आदेश।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहा है, और मध्यप्रदेश इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि “ऊर्जा के हर सेक्टर में परिणाम चाहिए, रफ्तार चाहिए और जनता को भरोसेमंद, सतत और हरित ऊर्जा उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा बैठक निर्णायक निर्देशों और भविष्य की ऊर्जा नीति के सशक्त संकल्प के साथ संपन्न हुई।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal