विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश की सिंचाई क्षमताओं को नए उच्च स्तर पर ले जाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अधिकारियों को कार्यों में “गति और गुणवत्ता” दोनों बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन,सीएम कार्यालय के सचिव नीरज मंडलोई,जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना,सिंचाई विभाग के मंत्री तुलसीराम सिलावट, एसीएस राजेश राजौरा,प्रमुख अभियंता देवेंद्र देवड़ा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 7.31 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का विस्तार किया गया है, जो किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने वाला कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुँचाने का है, जिसके लिए विभाग को युद्धस्तर पर कार्य करना होगा।

डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को चल रही योजनाओं, बांधों, नहरों, बैराजों और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए आदेशात्मक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक परियोजना की प्रगति की सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल के माध्यम से सभी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, समयसीमा तय रहेगी और फील्ड स्तर की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सकेगा।

उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि—

अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए

कमांड एरिया विकास कार्यों में तेजी लाई जाए

किसानों को अधिकतम सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाया जाए।

भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालीन मास्टर प्लान तैयार किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि बढ़ी हुई सिंचाई क्षमता प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगी, और सरकार का संकल्प है कि “हर खेत तक पानी, हर किसान तक समृद्धि” के लक्ष्य को जल्द पूरा किया जाए।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal