विकास और सेवा के 2 वर्ष।

मध्य प्रदेश के श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विकास और सेवा के दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग के माध्यम से गांव, गरीब और श्रमिक के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश आज देश के अग्रणी राज्यों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

मंत्री पटेल ने बताया कि विगत दो वर्षों में पंचायतों को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से सशक्त किया गया। ग्राम पंचायतों में पारदर्शी ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था और योजनाओं की जियो-टैगिंग से जवाबदेही बढ़ी है। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन और मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण अधोसंरचना, आवास, पेयजल और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मनरेगा के तहत लाखों श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला, जिससे पलायन में कमी आई।

श्रम विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि असंगठित श्रमिकों के पंजीयन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार और श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। ई-श्रम पोर्टल से श्रमिकों को योजनाओं का सीधा लाभ मिला है। दुर्घटना, प्रसूति सहायता, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं ने श्रमिक परिवारों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है।

आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना, ग्रामीण आजीविका के नए अवसर सृजित करना और श्रमिकों के कौशल उन्नयन पर विशेष फोकस करना है। डिजिटल पंचायत, महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और श्रमिकों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र आगामी प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि “हमारा संकल्प है कि मध्य प्रदेश का हर गांव सशक्त बने और हर श्रमिक सुरक्षित, सम्मानित एवं आत्मनिर्भर जीवन जिए।”

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal