मध्य प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के मंत्री गौतम टेटवाल ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विकास और सेवा के दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर, दक्ष और रोजगारोन्मुख बनाने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का भविष्य हमारे युवाओं की क्षमता, कौशल और आत्मविश्वास में निहित है और सरकार ने इस दिशा में ठोस नीतिगत निर्णयों के साथ प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है।

मंत्री टेटवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में “सरल शासन–सुगम शासन” की अवधारणा को साकार करते हुए कौशल विकास एवं रोजगार विभाग को प्रदेश के प्रमुख विभागों में शामिल किया गया है। बीते दो वर्षों में कौशल प्रशिक्षण को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए गुणवत्ता, नवाचार और रोजगार से जोड़ा गया है। वर्ष 2025 में प्रदेश के आईटीआई में 52,248 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया संचालित हुई, जिसमें 94.55 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश हुआ, जो अब तक का सर्वाधिक है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2024 की विश्व कौशल प्रतियोगिता में प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर 1 स्वर्ण, 2 रजत, 4 कांस्य एवं 11 मेडलियन ऑफ एक्सीलेंस प्राप्त हुए, वहीं फ्रांस के लियोन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी मेडलियन ऑफ एक्सीलेंस हासिल कर प्रदेश ने वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए आईटीआई में महिला आरक्षण 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया गया, जिससे महिला प्रशिक्षणार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों और बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा गया है। 8वीं पास विद्यार्थियों के लिए ट्रेड्स की संख्या बढ़ाकर 10 की गई, जिससे अधिक युवाओं को कौशल शिक्षा का अवसर मिला। मंत्री टेटवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक अल्पावधि प्रशिक्षण का लक्ष्य मिला है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हजारों युवाओं को सोलर तकनीक में प्रशिक्षित किया जा चुका है। इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत प्रदेश के कई आईटीआई में एआई डेटा लैब स्थापित की जा रही हैं, वहीं 5जी, एआई, आईओटी, ब्लॉकचेन और एआर-वीआर जैसे भविष्य के क्षेत्रों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं।

उद्योगों के साथ मजबूत साझेदारी करते हुए मारुति सुजुकी, सिमेंस, जगुआर फाउंडेशन, श्री-श्री ट्रस्ट और अन्य संस्थाओं के सहयोग से आईटीआई में अत्याधुनिक लैब और प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की गई हैं। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में 90 प्रतिशत से अधिक प्लेसमेंट सुनिश्चित हुआ है, जिसमें कई युवाओं को विदेशों में भी रोजगार प्राप्त हुआ है,मंत्री ने कहा कि आने वाला समय ग्रीन एनर्जी और ऑटोमोबाइल सेक्टर का है, इसलिए प्रदेश के आईटीआई में ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़े नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कौशल, नवाचार और रोजगार के समन्वय से मध्य प्रदेश का प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बनेगा और प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal