मंत्री उदय प्रताप सिंह की कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में पत्रकार वार्ता,"शिक्षा में गुणवत्ता" "परिवहन में पारदर्शिता" मध्य प्रदेश में अभूतपूर्व बदलाव,प्रवेशोत्सव से बोर्ड परिणाम तक शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव, वहीं परिवहन सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन मध्यप्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य।

मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन विभाग मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार, भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश सरकार के विकास और सेवा के 2 वर्ष की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस समयबद्ध सेवाएं, पारदर्शिता और जन-सुविधा पर रहा है। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

स्कूल शिक्षा: समय पर सुविधाएं, बेहतर परिणाम
मंत्री सिंह ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यार्थियों को राज्य सरकार की सभी सुविधाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई गईं। पहली बार प्रवेशोत्सव अप्रैल के प्रथम सप्ताह में शुरू हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही। कक्षा 1, 6 और 9 की प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाया गया—कक्षा 6 में प्रधानाध्यापक और कक्षा 9 में प्राचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई।

मुख्य उपलब्धियां:
कक्षा 1 में नामांकन में 19.6% तथा शासकीय विद्यालयों में 32.4% की वृद्धि।
कक्षा 5 एवं 8 की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के परिणाम मार्च में घोषित, जिससे सत्र समय पर प्रारंभ।
निजी विद्यालयों में पढ़ रहे 8.5 लाख पात्र विद्यार्थियों की फीस प्रतिपूर्ति पूर्णतः ऑनलाइन।
प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 6.8% से घटकर शून्य।
समग्र आईडी से 90% विद्यार्थियों की ट्रैकिंग पूर्ण।

प्रोत्साहन योजनाएं और अधोसंरचना
94,300 विद्यार्थियों को लैपटॉप, 7,800 को स्कूटी वितरण।
साइकिल वितरण पहली बार अगस्त में; अगले सत्र से अप्रैल 2026 में।
छात्रवृत्ति, गणवेश, छात्रावास, सेनिटेशन-हाइजीन राशि डीबीटी से अंतरण।
76,325 अतिथि शिक्षक कार्यरत; 1 जुलाई तक व्यवस्था पूर्ण।
20,000+ अतिशेष शिक्षकों का कमी वाले विद्यालयों में स्थानांतरण।
‘हमारे शिक्षक’ जियो-टैग ऐप में 80% नियमित व 96% अतिथि शिक्षक दर्ज;
1 जनवरी 2026 से अवकाश प्रबंधन व शिकायत निवारण सुविधा लागू।

गुणवत्ता शिक्षा की दिशा में कदम
18 जिला प्रशिक्षण संस्थान उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित।
छात्रावास प्रबंधन व प्रवेश पूर्णतः ऑनलाइन।
सरकारी स्कूलों में भवन मरम्मत, पेयजल व बिजली हेतु निधि।
अगले वर्ष तक सभी हाईस्कूल/हायर सेकेंडरी/मिडिल स्कूलों में फर्नीचर।
275 सांदीपनि व 799 पीएमश्री विद्यालयों का NEP अनुरूप विकास।
व्यावसायिक शिक्षा 3,367 विद्यालयों में; कृषि संकाय 690 में।
बोर्ड परिणामों में उल्लेखनीय सुधार—
कक्षा 10: 76.22% (द्वितीय परीक्षा के बाद 87.52%)
कक्षा 12: 74.56% (द्वितीय परीक्षा के बाद 82.53%)

परिवहन विभाग: फेसलेस सेवाओं में अग्रणी:परिवहन मंत्री ने बताया कि वाहन व सारथी पोर्टल से सेवाएं उपलब्ध कराकर मध्यप्रदेश पूरी तरह फेसलेस परिवहन सेवाएं देने वाला देश का पहला राज्य बना है। 1.25 लाख+ सेवा केंद्रों से नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्य पहल:
इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटरयान कर में पूर्ण छूट।
CNG वाहनों पर 1% कर छूट।
पुराने वाहन स्क्रैप पर नए वाहन पर 50% छूट।
16 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन का संचालन।
त्रिस्तरीय चालन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का निर्णय।
यात्री परिवहन हेतु राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी का गठन।
इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम प्रस्तावित।

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षा में समयबद्धता और गुणवत्ता तथा परिवहन में डिजिटल पारदर्शिता ने प्रदेश को नई पहचान दी है। आने वाले वर्षों में ये सुधार प्रदेश को शिक्षा और सुशासन का मॉडल राज्य बनाएंगे।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal