भोपाल 23दिसम्बर/ मंत्री की निर्भीक कार्यशैली और जल जीवन मिशन की उपलब्धियां बनी पत्रकार वार्ता में चर्चा का केंद्र
81लाख से अधिक परिवारों तक पहुँचा नल से जल,महिलाओं का समय बचा, बढ़ा स्वरोजगार और सशक्त हुई नई पीढ़ी,पीएम गति शक्ति पोर्टल पर मध्यप्रदेश ने द्वितीय स्थान किया हासिल।
प्रदेश सरकार के “विकास और सेवा के दो वर्ष” पूर्ण होने के अवसर पर जल भवन, बाणगंगा, भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने जल जीवन मिशन की उपलब्धियों के साथ-साथ अपनी कार्यशैली पर पूछे गए सवालों का भी आत्मीय और प्रभावशाली उत्तर दिया।
पत्रकारों द्वारा यह प्रश्न किए जाने पर कि विधानसभा में वरिष्ठ मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक नहीं बल्कि दो बार उनके निर्भीक, निष्पक्ष और तथ्यपरक वक्तव्यों तथा अपने क्षेत्र में किए गए कार्यों की सार्वजनिक रूप से सराहना की गई है, इस पर वे क्या कहना चाहेंगी—मंत्री श्रीमती उइके ने अत्यंत विनम्रता के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह आत्मविश्वास और स्पष्टता उन्हें पत्रकार भाइयों और पत्रकार बहनों से ही सीखने को मिली है। मीडिया द्वारा पूछे जाने वाले सवालों ने उन्हें हर विषय को गहराई से समझने, तथ्यों के साथ बोलने और जनता के प्रति जवाबदेह रहने की प्रेरणा दी है।
मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका मार्गदर्शक की होती है। सकारात्मक आलोचना और सटीक प्रश्न शासन को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आज वे विधानसभा में निर्भीक होकर अपनी बात रख पा रही हैं, तो इसके पीछे मीडिया का सतत संवाद और जनहित से जुड़े सवालों की बड़ी भूमिका है।उन्होंने इस अवसर पर जल जीवन मिशन की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि नल से जल की उपलब्धता ने ग्रामीण महिलाओं का समय बचाया है, स्वास्थ्य स्तर सुधारा है और बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को नया अवसर दिया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल योजनाओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उनके सामाजिक प्रभाव को जमीन पर उतारना है।
पत्रकार वार्ता में मंत्री श्रीमती उइके का यह वक्तव्य कि “मैं जो कुछ भी कर पा रही हूं, वह आप पत्रकारों से सीखकर ही कर पा रही हूं,” उनकी सादगी, लोकतांत्रिक सोच और सहयोगात्मक नेतृत्व शैली को दर्शाता है। यह संवाद न केवल उपलब्धियों का विवरण था, बल्कि शासन, मीडिया और समाज के बीच मजबूत भरोसे का प्रतीक भी बना।

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