भोपाल 29दिसम्बर/मंत्री कुशवाह ने पत्रकारों को दी विकास एवं सेवा के 2 वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी
“सामाजिक न्याय से कृषि–उद्यानिकी तक समावेशी विकास की मजबूत नींव: दो वर्षों में सवा 3 लाख हेक्टेयर बढ़ा उद्यानिकी रकबा, मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य”
सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन–2047 और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व में मध्यप्रदेश को कृषि एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी प्रयास किए जा रहे हैं। वे 28 दिसंबर 2025 को विकास एवं सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुलाब उद्यान सभागार, लिंक रोड भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री कुशवाह ने कहा कि सामाजिक न्याय से लेकर कृषि–उद्यानिकी तक सरकार की नीतियों का मूल उद्देश्य समावेशी विकास है, जिससे समाज का अंतिम व्यक्ति भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने बीते दो वर्षों में विभागीय उपलब्धियों, नवाचारों और आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गत दो वर्षों में प्रदेश में उद्यानिकी फसलों के रकबे में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। उद्यानिकी क्षेत्र 25.12 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 28.29 लाख हेक्टेयर हो गया है, यानी सवा तीन लाख हेक्टेयर से अधिक की वृद्धि हुई है। इसी अवधि में उत्पादन 389.10 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 425.68 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया। प्रदेश की प्रति हेक्टेयर उत्पादकता 15.08 मीट्रिक टन है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। मध्यप्रदेश मसाला उत्पादन में देश में प्रथम, पुष्प उत्पादन में द्वितीय, सब्जी उत्पादन में तृतीय और फल उत्पादन में चतुर्थ स्थान पर है।
मंत्री ने बताया कि रीवा का सुंदरजा आम और रतलाम का रियावन लहसुन जीआई टैग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि अब तक प्रदेश की 15 फसलों का जीआई पंजीयन कराया गया है। इजराइल के तकनीकी सहयोग से मुरैना में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है और छिंदवाड़ा व हरदा में नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 8,198 ऋण प्रकरण स्वीकृत किए गए हैं तथा 3,113 उद्यमियों को 108.64 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता दी गई है। सेंसर आधारित स्वचलित फर्टिगेशन, मखाना क्षेत्र विस्तार, एग्जोटिक सब्जी क्लस्टर, हाईटेक नर्सरी और इंक्यूबेशन सेंटर जैसे नवाचार भी लागू किए जा रहे हैं।
सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए मंत्री श्री कुशवाह ने बताया कि वर्तमान में 6 लाख 97 हजार दिव्यांगजनों को प्रतिमाह 41.87 करोड़ रुपये की पेंशन दी जा रही है और 9 लाख 89 हजार से अधिक दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड प्रदान किए जा चुके हैं। शिक्षा, तकनीक और रोजगार पर विशेष फोकस करते हुए स्मार्ट क्लास, सहायक उपकरण, सरकारी सेवाओं में नियुक्ति और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” घोषित किया गया है, जिसके अंतर्गत उद्यानिकी विस्तार, खाद्य प्रसंस्करण से मूल्य संवर्धन और रोजगार सृजन के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री श्री कुशवाह ने विश्वास जताया कि ये समन्वित प्रयास मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर, समावेशी और समृद्ध “मध्यप्रदेश @2047” की दिशा में तेजी से आगे ले जाएंगे।

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