नीलबड़ भोपाल/नववर्ष 2026,विश्व शांति आत्मिक सशक्तिकरण और मानव मूल्यों के संदेश के साथ हर्षोल्लास से मना
"नववर्ष 2026"155 देशों में कार्यरत ब्रह्माकुमारी संस्थान की वैश्विक श्रृंखला से जुड़ा भव्य आध्यात्मिक आयोजन, नीलबड़ सुख-शांति भवन, भोपाल में हर्षोल्लास से मनाया गया।
नीलबड़ स्थित सुख-शांति भवन, भोपाल में विश्वविख्यात ब्रह्माकुमारी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की 155 देशों में विस्तृत आध्यात्मिक सेवा श्रृंखला के अंतर्गत नववर्ष 2026 के पावन अवसर पर एक गरिमामय, प्रेरणादायी एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। यह आयोजन मानव मूल्यों की स्थापना, आत्मिक जागृति और विश्व शांति के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विशेष रूप से पूर्व कमोडोर आदरणीय भ्राता श्री कुमावत जी (नौसेना), भ्राता श्री मुकेश जी, चंडीगढ़ से पधारे भ्राता श्री गौरव जी तथा नीलबड़ सुख-शांति भवन की चीफ एवं निदेशिका आदरणीय नीता बहनजी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊँचाई प्रदान की।
इसी कड़ी में राजयोग भवन, अरेरा कॉलोनी में भी नववर्ष के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आदरणीय अवधेश प्रताप सिंह जी (अध्यक्ष, मानव अधिकार आयोग), आदरणीय भूपेन्द्र कुमार गोयल जी (संयुक्त निदेशक, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग) तथा आदरणीय गिरिश कुमार सारस्वत जी (प्रमुख, ट्रैफिक पुलिस एजुकेशन सेल) विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही ब्लेसिंग हाउस एवं भोपाल के समस्त ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्रों पर भी नववर्ष को नई उमंग, उत्साह और सकारात्मक संकल्पों के साथ मनाया गया, जहाँ सभी को नववर्ष में जीवन में मानव मूल्यों की सरदारी एवं श्रेष्ठ अच्छाइयों को धारण करने की प्रेरणा दी गई।
सुख-शांति भवन में अपने प्रेरणादायी अनुभव साझा करते हुए आदरणीय भ्राता श्री कुमावत जी ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता को देखते हुए यह स्पष्ट अनुभव होता है कि आध्यात्मिक ज्ञान आज बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए अत्यंत आवश्यक है। यदि बाल्यावस्था से ही बच्चों को आध्यात्मिक संस्कार एवं मूल्य आधारित शिक्षा दी जाए, तो एक सशक्त समाज, सुदृढ़ राष्ट्र और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण संभव है। उन्होंने बताया कि नेवी फोर्स में सेवा के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के सिलेबस में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा सिखाए जाने वाले राजयोग आधारित आध्यात्मिक सशक्तिकरण कोर्स को इंट्रोड्यूस किया। प्रतिवर्ष लगभग ढाई हजार बच्चे रिक्रूटमेंट के दौरान उनके संपर्क में आते थे, जिनसे प्राप्त फीडबैक में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि इस कोर्स से बच्चों को मानसिक शांति, आत्मबल एवं जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव हुआ।
नववर्ष के अवसर पर सुख-शांति भवन की चीफ एवं निदेशिका आदरणीय नीता बहनजी ने सभी को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए ब्रह्माकुमारीज़ के अनुसार जीवन के वास्तविक लक्ष्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा “नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि जीवन के लक्ष्य को पुनः पहचानने और स्वयं को श्रेष्ठ दिशा देने का सुनहरा अवसर है। ब्रह्माकुमारीज़ के अनुसार जीवन का वास्तविक लक्ष्य आत्मा की पवित्रता, शांति और शक्ति को पुनः जागृत करना है। परमात्मा की स्मृति में रहते हुए श्रेष्ठ विचार, श्रेष्ठ कर्म और श्रेष्ठ संबंधों का निर्माण ही सच्चा नववर्ष संकल्प है।”
नीता बहनजी ने आगे कहा कि जब व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्य को आत्म-कल्याण के साथ विश्व-कल्याण से जोड़ लेता है, तब उसका जीवन स्वतः ही संतुलित, सफल और सार्थक बन जाता है। उन्होंने सभी से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि इस नववर्ष में हम आत्म-स्मृति में स्थित रहकर संस्कारों को श्रेष्ठ बनाएँ, नकारात्मकता को त्यागकर सकारात्मकता अपनाएँ तथा सेवा, प्रेम और शांति के माध्यम से समाज को सशक्त बनाएँ। कार्यक्रम का कुशल, अनुशासित एवं प्रभावशाली मंच संचालन आदरणीय ब्रदर रामकुमार जी द्वारा किया गया। सभी अतिथियों एवं भाई-बहनों ने सामूहिक दीप प्रज्वलन किया, जिससे संपूर्ण वातावरण पवित्रता, ऊर्जा और सकारात्मक कंपन से भर गया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी भाई-बहनों को विविध आध्यात्मिक एक्टिविटीज़ के माध्यम से राजयोग एवं आध्यात्मिक ज्ञान को सरल और व्यावहारिक रूप में समझाया गया। साथ ही सभी को सामूहिक ध्यान अभ्यास कराया गया, जिससे उपस्थित जनों ने गहन शांति, सुकून और आत्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक-दूसरे को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएँ देते हुए आत्मिक उन्नति, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व शांति के लिए शुभ संकल्प किए।

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