भोपाल 3फरवरी/मंत्री कश्यप ने पत्रकारों को दी,मंत्रि-परिषद में लिए गए निर्णयों की जानकारी
मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने मंत्रि-परिषद के निर्णयों के संबंध में पत्रकारों को दी,सरदार सरोवर विस्थापितों को बड़ी राहत,शासन पर आयेगा 600 करोड़ का वित्तीय भार,मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम गान के साथ सम्पन्न हुई। बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने मंत्रि-परिषद के निर्णयों के संबंध में पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जनकल्याण, किसानों के हित, विस्थापितों के पुनर्वास और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें आवंटित किए गए आवासीय भूखंडों का पंजीयन पूर्णतः निशुल्क कराए जाने का निर्णय लिया गया है। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अंतर्गत देय पंजीयन शुल्क एवं स्टाम्प ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। इस निर्णय से 25,600 से अधिक विस्थापित परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मंत्री कश्यप ने बताया कि इस निर्णय से राज्य शासन पर लगभग 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, लेकिन यह फैसला विस्थापित परिवारों को स्थायी बसाहट और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद ने मैहर एवं कटनी जिलों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 620 करोड़ 65 लाख रुपये से अधिक की दो महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार, मैहर एवं कटनी जिले की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना के लिए 53 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से दोनों जिलों के 9 ग्रामों के 2,810 कृषकों को लाभ होगा तथा लगभग 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी, जिससे किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। इसके साथ ही, कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 566 करोड़ 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसीलों के 27 ग्रामों के लगभग 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और करीब 20 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मंत्री कश्यप ने कहा कि ये परियोजनाएं किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
मंत्री परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 प्रमुख योजनाओं की निरंतरता के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। स्वीकृति के अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ रुपये से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना तथा स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3,376 करोड़ 66 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉक ग्रांट योजना तथा पशुपालन, पशु विकास और गौ-संवर्धन योजना के लिए 6,472 करोड़ 18 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की किशोर कल्याण निधि योजना एवं घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता योजना हेतु 24 करोड़ 70 लाख रुपये तथा पिछड़ा वर्ग एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर उसके कर्मचारियों का महिला एवं बाल विकास विभाग में संविलियन किए जाने की भी स्वीकृति दी गई है।
मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग—किसान, श्रमिक, महिला, युवा और विस्थापित परिवार—को सशक्त बनाना है। मंत्रि-परिषद के ये निर्णय समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

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