भोपाल 3फरवरी/सीएम डॉ. यादव ने किया केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर पत्रकार-वार्ता को संबोधित
केंद्रीय-बजट 2026-27, विकसित भारत के संकल्पों को साकार करता बजट, मध्यप्रदेश के आर्थिक-औद्योगिक और सामाजिक विकास का ऐतिहासिक अवसर
भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर आयोजित पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला यह केंद्रीय बजट मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय में की गई वृद्धि से शहरी विकास और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलेगी, जो प्रदेश की विकास यात्रा में वरदान साबित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट सतत आर्थिक विकास के साथ जन-अपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। यह बजट उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने दूरदर्शी निर्णयों से देश को सशक्त किया है और पूरी दुनिया को भारत की ताकत का अहसास कराया है। केंद्रीय बजट सभी वर्गों की आशा-आकांक्षाओं को पूरा करने एवं उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा और मध्यप्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट युवा शक्ति से प्रेरित है, बजट का मूल उद्देश्य तेज एवं सतत आर्थिक वृद्धि, जन आकांक्षाओं की पूर्ति, क्षमता निर्माण तथा सभी परिवारों, क्षेत्रों और सेक्टरों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाकर उच्च विकास दर बनाए रखने के स्पष्ट प्रावधान इस बजट की विशेषता हैं। इससे मध्यप्रदेश को सुदृढ़ वित्तीय आधार मिलेगा, निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य की विकास गति और तेज होगी। उन्होंने कहा कि बजट में वैश्विक बाजारों से जुड़ाव, निर्यात विस्तार तथा दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करने की स्पष्ट रणनीति है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को मिलेगा। यह बजट केवल वित्तीय प्रावधानों का संकलन नहीं, बल्कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर आधारित आर्थिक विकास का एक संरचित रोडमैप है। इसके प्रावधानों से राज्य में निवेश, उद्योग स्थापना, रोजगार सृजन, उत्पादन क्षमता वृद्धि और निर्यात उन्मुख विनिर्माण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
स्वास्थ्य और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बायोफार्म शक्ति योजना से बायोटेक्नोलॉजी, बायो-फार्मा, फार्मास्यूटिकल अनुसंधान और हेल्थ इंडस्ट्री आधारित स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजित होंगे। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीकों के विकास से प्रदेश में हाई-टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट के प्रावधान मध्यप्रदेश के पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होंगे। 200 लेगेसी इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के पुनर्जीवन से अधोसंरचना सुधार, निवेश पुनर्स्थापन, उत्पादन विस्तार और स्थानीय रोजगार को नई ऊर्जा मिलेगी। एमएसएमई सेक्टर के लिए यह बजट अत्यंत लाभकारी है, जिससे उद्यमिता, स्वरोजगार और औद्योगिक विस्तार को मजबूती मिलेगी। लघु एवं मध्यम उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी, आत्मनिर्भर और विस्तार उन्मुख बनेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र और नारी शक्ति को मिलेगा आर्थिक बल: मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में वर्ष 2047 तक भारत को वैश्विक सेवा क्षेत्र में नेतृत्व दिलाने की दृष्टि से सेवा क्षेत्र को विकास का प्रमुख चालक बनाया गया है। इससे मध्यप्रदेश आईटी, हेल्थ, एजुकेशन, टूरिज्म और प्रोफेशनल सर्विसेज के केंद्र के रूप में विकसित होगा। बजट में 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रत्येक जिले में महिला छात्रावासों की स्थापना तथा 1.5 लाख सेवा प्रदाताओं और एक लाख स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।लखपति दीदी योजना पर आधारित सामुदायिक स्व-सहायता समूह उद्यमों के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड आजीविका से उद्यम स्वामित्व की ओर बढ़ने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रावधानों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और नारी शक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित होगा।
शहरी विकास और संरचनात्मक निवेश को नई दिशा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिटी इकोनॉमिक रीजन के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक-व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे और निवेश-अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए दिए गए प्रावधान प्रदेश के संतुलित विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
औद्योगिक नवाचार और भविष्य की तैयारी: मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी प्रतिभाओं के बलबूते फार्मा सहित सभी क्षेत्रों में लंबी छलांग लगाएगा। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 भारतीय तकनीक पर आधारित है, जिससे प्रदेश में अत्याधुनिक उद्योग स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि नए उद्योगों के साथ-साथ चल रहे उद्योगों का संवर्धन भी सरकार की प्राथमिकता है। धार में पीएम मित्र पार्क के माध्यम से वस्त्र उद्योग को नई गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह बजट मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास के नए द्वार खोलता है, जिसमें उद्योगों के लिए सरल प्रक्रियाएं, निवेशकों के लिए भरोसेमंद वातावरण, युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण और नागरिकों के लिए बेहतर सेवाएं सुनिश्चित होंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट मध्यप्रदेश को निवेश-आकर्षक, विकासोन्मुख और भविष्य-उन्मुख राज्य के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

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