मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का नवम सत्र (बजट सत्र) सोमवार, 16 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 6 मार्च 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र से पूर्व रविवार को विधानसभा अध्यक्ष माननीय नरेंद्र सिंह तोमर ने विधानसभा परिसर पहुंचकर व्यवस्थाओं और तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अध्यक्ष तोमर ने कहा कि बजट सत्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें राज्य की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित होती हैं। उन्होंने सुनिश्चित करने पर बल दिया कि सदन की कार्यवाही सुचारु, पारदर्शी और गरिमापूर्ण ढंग से संचालित हो। इस अवसर पर विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद से अब तक विधानसभा सचिवालय को जनप्रतिनिधियों की ओर से व्यापक संख्या में सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार तारांकित प्रश्नों की 1750 तथा अतारांकित प्रश्नों की 1728 सूचनाएं, कुल मिलाकर 3478 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त 236 ध्यानाकर्षण सूचनाएं, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प तथा 83 शून्यकाल की सूचनाएं भी सचिवालय को प्राप्त हुई हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि जनप्रतिनिधि प्रदेशहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय और गंभीर हैं।

अध्यक्ष तोमर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रश्नों एवं सूचनाओं के परीक्षण,सूचीकरण और उत्तरों की तैयारी की प्रक्रिया समयबद्ध एवं व्यवस्थित रूप से पूर्ण की जाए, ताकि सदन में चर्चा प्रभावी और सारगर्भित हो सके। उन्होंने तकनीकी व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों, मीडिया समन्वय और सदस्यों की सुविधाओं की भी समीक्षा की।

उल्लेखनीय है कि सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र राज्य के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले बजट पर विस्तृत चर्चा के साथ विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और नीतियों पर भी सदन में विमर्श होगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी पक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना से प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक एवं रचनात्मक चर्चा करेंगे, जिससे मध्य प्रदेश की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal