मध्य प्रदेश विधानसभा में श्रद्धा और संवेदना का क्षण।

मध्य प्रदेश विधानसभा में सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने से पूर्व एक गंभीर एवं भावुक वातावरण देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को संबोधित करते हुए देश के प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों एवं वीर शहीद जवानों के निधन का उल्लेख किया और शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

अध्यक्ष ने महाराष्ट्र शासन के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, भूतपूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश कलमाड़ी तथा भूतपूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कान्हू चरण लेंका के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य किया। उनका अनुभव, जनसेवा के प्रति समर्पण और प्रशासनिक दक्षता सदैव स्मरणीय रहेगी। इसके साथ ही अध्यक्ष ने 31 दिसंबर 2025 को असम में हुए हादसे में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के शहीद जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा में तैनात इन वीर सपूतों का सर्वोच्च बलिदान देश कभी नहीं भुला सकता।

अध्यक्ष ने 22 जनवरी 2026 को जम्मू संभाग में सैन्य वाहन के खाई में गिरने से सेना के शहीद जवानों एवं अनेक हताहत जवानों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए कर्तव्यपथ पर अग्रसर सैनिकों का साहस और समर्पण समस्त राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बलिदान ने राष्ट्र की एकता और अखंडता को और सशक्त किया है।अध्यक्ष तोमर के आग्रह पर पूरे सदन ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर संवेदना व्यक्त की, जो लोकतांत्रिक परंपराओं की गरिमा और राष्ट्रीय एकता की भावना का प्रतीक बना।

सदन का वातावरण पूर्णतः गंभीर और श्रद्धामय रहा। यह क्षण केवल शोक का नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को पुनः स्मरण करने का भी था। मध्य प्रदेश विधानसभा ने एक स्वर में दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर यह संदेश दिया कि देशहित सर्वोपरि है और बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाता।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal