मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत के प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकायुक्त संगठन की कार्यप्रणाली और पिछले चार वर्षों की कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022-23 से वर्तमान तक लोकायुक्त संगठन में कुल 2,947 मामलों में कार्रवाई की गई है, जो भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस अवधि में प्राप्त शिकायतों के आधार पर व्यापक जांच की गई। लोकायुक्त के विशेष पुलिस स्थापना एवं जांच शाखा द्वारा अनेक प्रकरणों में विवेचना पूर्ण कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में अब तक 20 करोड़ 97 लाख से अधिक राशि की वसूली की जा चुकी है, जो शासन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने सदन को अवगत कराया कि वर्तमान में 1,379 अधिकारी/कर्मचारी जांच के दायरे में हैं। इन मामलों में जांच प्रक्रिया प्रचलित है और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही 134 मामलों में अभियोजन की मंजूरी लंबित है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया विधिसम्मत प्रावधानों के तहत संबंधित विभागों से प्राप्त की जाती है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बीते चार वर्षों में विशेष पुलिस स्थापना में दर्ज प्रकरणों में से सैकड़ों मामलों में विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। कुछ मामलों में न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रही है। लोकायुक्त संगठन को सुदृढ़ करने, जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विधानसभा में प्रस्तुत इस विस्तृत उत्तर के माध्यम से स्पष्ट हुआ कि लोकायुक्त संगठन न केवल शिकायतों की सुनवाई कर रहा है, बल्कि दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए शासन को वित्तीय हानि से बचाने और पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal