युवा संसद प्रतियोगिता पुरस्कार समारोह,सतत जागरूकता से ही लोकतंत्र बनता है सशक्त डॉ. ए.पी. सिंह
पं. कुंजीलाल राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ द्वारा आयोजित वार्षिक युवा संसद प्रतियोगिता पुरस्कार समारोह उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समारोह में मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. ए.पी. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र की सफलता केवल चुनावों से नहीं, बल्कि नागरिकों की निरंतर जागरूकता और सक्रिय भागीदारी से सुनिश्चित होती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. ए.पी. सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत ने जवाबदेह और पारदर्शी शासन व्यवस्था के लिए संसदीय लोकतंत्र को अपनाया है। इस प्रणाली में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि जनता के हित में शासन चलाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है कि नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहें। डॉ. सिंह ने कहा कि देश के प्रबुद्ध नेताओं और संविधान निर्माताओं ने भारत को एक मजबूत संविधान प्रदान किया है। संविधान में दिए गए मौलिक अधिकार ही मानव अधिकारों का आधार हैं, जिनकी रक्षा के लिए मानव अधिकार आयोग निरंतर कार्य करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारों के साथ-साथ संविधान ने नागरिकों को कर्तव्य भी सौंपे हैं। यदि नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों का संतुलित और सही उपयोग करें, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में मानवाधिकारों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों को समझें, संसदीय प्रणाली की कार्यप्रणाली को जानें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। उन्होंने कहा कि युवा संसद जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तर्कशक्ति और लोकतांत्रिक संवाद की संस्कृति को विकसित करती हैं। यह मंच विद्यार्थियों को देश की संसदीय प्रणाली को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. थापक, वाइस चांसलर, एल.एन.सी.टी. यूनिवर्सिटी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना का विकास करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवा संसद जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में सार्वजनिक जीवन के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करती हैं और उन्हें भविष्य में बेहतर नेतृत्व के लिए तैयार करती हैं।इस अवसर पर पं. कुंजीलाल राष्ट्रीय संसदीय विद्यापीठ की संचालक डॉ. प्रतिमा यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि संसदीय विद्यापीठ का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में संसदीय प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को इस प्रतियोगिता के माध्यम से संसदीय प्रक्रिया, बहस, तर्क-वितर्क और नीति-निर्माण की समझ विकसित करने का अवसर दिया जाता है।
डॉ. प्रतिमा यादव ने बताया कि संसदीय विद्यापीठ द्वारा संसदीय विषयों पर कई नवाचारपूर्ण प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक रूप से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से परिचित कराया जाता है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास युवाओं को लोकतंत्र के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करता है। समारोह में एम.के. राजोरिया, उपसंचालक संसदीय विद्यापीठ सहित विभिन्न अधिकारी, अध्यापक, प्राध्यापक तथा प्रदेश के कई विद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान युवा संसद प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि डॉ. ए.पी. सिंह द्वारा पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने इस अवसर को अपने लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि युवा संसद प्रतियोगिता के माध्यम से उन्हें संसद की कार्यवाही, विधायी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संवाद की वास्तविक झलक देखने और समझने का अवसर मिला। इससे उनके अंदर नेतृत्व, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई है।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए युवा पीढ़ी की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि युवाओं को सही दिशा और अवसर मिलें, तो वे देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक मजबूत बना सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और उपस्थित युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक तथा प्रेरित करने वाला साबित हुआ।

तेजस्वी यादव का आरोप- भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, पुलिस ने शुरू की तलाश
मोहन यादव ने जताई नाराजगी, कांग्रेस नेताओं से जवाब तलब
आंसरशीट में लिखा संदेश- “33 नंबर देकर आशीर्वाद दें”