भोपाल 30मई/उदन्त मार्तण्ड के 200 वर्ष पूर्ण, नागपुर में हिंदी पत्रकारिता के पुरोधाओं को मिला सम्मान
समारोह के दौरान हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “पावर ऑफ वन” के संपादक नीरज श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया।
हिंदी पत्रकारिता के प्रथम समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड के प्रकाशन के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नागपुर हिंदी पत्रकार संघ एवं पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा, उसके योगदान और भविष्य की चुनौतियों पर विचार-विमर्श करते हुए पत्रकारिता जगत से जुड़े वरिष्ठ संपादकों एवं विशिष्ट व्यक्तित्वों का सम्मान किया गया।
समारोह की अध्यक्षता सोलर इंडस्ट्रीज के चेयरमैन सत्यनारायण नुवाल ने की। इस अवसर पर दैनिक भास्कर के समूह संपादक प्रकाश दुबे, महाराष्ट्र टाइम्स के संपादक श्रीपाद, हितवाद के वरिष्ठ संपादक विजय फंडसीकर सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। कार्यक्रम में पीआरएसआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस.पी. सिंह की विशेष उपस्थिति रही, जबकि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। समारोह के दौरान हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “पावर ऑफ वन” के संपादक नीरज श्रीवास्तव को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने पिछले दो सौ वर्षों में जनजागरण, राष्ट्र निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उल्लेखनीय है कि 30 मई 1826 को हिंदी पत्रकारिता के पुरोधा पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने तत्कालीन कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) से हिंदी भाषा के प्रथम समाचार पत्र “उदन्त मार्तण्ड” का प्रकाशन प्रारंभ किया था। प्रत्येक मंगलवार को प्रकाशित होने वाला यह साप्ताहिक समाचार पत्र हिंदी पत्रकारिता की आधारशिला माना जाता है। उदन्त मार्तण्ड के प्रकाशन के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस समारोह ने हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली विरासत को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।

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