लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार (Yogi Government) मेट्रो सिटी ही नहीं, छोटे कस्बों में भी गरीब और माध्यम वर्गों के लिए सहूलियतें दे रही है. नई योजना के तहत छोटे शहरों या कस्बों यानी नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में रहने वाले गरीबों और माध्यम वर्गीय परिवारों को अब अपने बच्चों की शादी के लिए महंगे बैंक्वेट हॉल (Banquest Hall) बुक करने के लिए भारी भरकम रकम नहीं देनी होगी. सरकार ने शादी या फिर अन्य छोटे-मोटे आयोजनों के लिए लॉन या वैंक्वेट हॉल उनके घर के आसपास ही कम किराए पर इसे उपलब्ध कराएगी.

नगर विकास विभाग इसके लिए जरूरत के आधार पर शादी-विवाह घर बनवाने जा रहा है. इस नई योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट में टोकन मनी के रूप में 50 करोड़ रुपये की मांग की गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अपने पहले कार्यकाल के आखिरी बजट में सरकार इसके लिए अनुदान की घोषणा करने वाली है. सरकार 18 फ़रवरी को अपना बजट पेश करेगी जिसके तहत  होगी। इसके अलावा सरकार इस बार साढ़े पांच लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश कर सकती है.

बजट में होगा प्रावधान
बड़े शहरों में नगर निगमों ने अपने बजट से शादी-विवाह घर, कल्याण मंडप या फिर कम्यूनिटी हॉल बनवा रखे हैं. लेकिन छोटे शहरों खासकर नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में ऐसी व्यवस्था नहीं है. ऐसे में अब नगर पालिका और नगर पंचायत में भी इसकी सुविधा लोगों को मिलेगी. पिछले दिनों नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन की अध्यक्षता में बजट में नई योजनाओं को लेकर बैठक हुई थी. इसमें छोटे शहरों के लिए शादी-विवाह घर बनवाने के लिए बजटीय व्यवस्था पर सहमति बनी है. इसके आधार पर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है. प्रस्ताव के मुताबिक शादी-विवाह घर निकाय की जमीनों पर बनवाए जाएंगे. इसमें कुछ कमरों के साथ लॉन बनाया जाएगा, जिसे कम कीमत पर किराए पर दिया जाएगा, नगर विकास मंत्री का मानना है कि इस योजना के आने के बाद लोगों को किसी भी तरह के आयोजन के लिए सस्ते में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.

18 फ़रवरी को होगा बजट पेश

गौरतलब है कि योगी सरकार अपने इस कार्यकाल का अंतिम बजट पेश करने की तैयारी में जुटी है. 18 फरवरी को उत्तर प्रदेश सरकार अपना बजट प्रस्तुत कर सकती है. वित्त विभाग बजट को अंतिम रूप देने में जुटा है. बजट के सम्बंध में विभागों के साथ लगतार बैठकें जारी हैं. बजट में अयोध्या पर खास फोकस दिखने की उम्मीद जताई जा रही है. अयोध्या के चौतरफा विकास के लिए सरकार कई मदों में अच्छी खासी धनराशिआवंटित कर सकती है. वर्ष 2021-22 के लिए तैयार किये जा रहे इस बजट का आकार करीब 5.75 लाख करोड़ का होने का अनुमान लगाया जा रहा है.