भोपाल गैस त्रासदी:36वीं बरसी पर होगी सर्वधर्म प्रार्थना सभा, धर्मगुरुओं के साथ सीएम शिवराज भी आएंगे, विधवाओं को पेंशन की उम्मीद
 

भोपाल गैस त्रासदी पीड़ित महिलाओं ने मंगलवार को करोंद में पेंशन शुरू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
कोरोना के चलते स्थगित होने वाली थी सभा, लेकिन मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- सावधानियों के साथ सभा होगी

भोपाल गैस त्रासदी की 36वीं बरसी पर एक सर्वधर्म प्रार्थना सभा का कोरोना की एहतियात बरतते हुए आयोजन किया जा रहा है। सेंट्रल लाइब्रेरी पर खुले मंच पर यह प्रार्थना सभा 3 दिसम्बर को सुबह 10.30 बजे से होगी। प्रार्थना सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे। इसके साथ ही सभी धर्मों के धर्मगुरू और गणमान्य नागरिक भी प्रार्थना सभा में शामिल रहेंगे।

प्रार्थना सभा में दिवंगत गैस पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। विभिन्‍न धर्म ग्रंथों का पाठ धर्मगुरुओं द्वारा किया जाएगा। दिवंगतों की स्मृति में दो मिनिट की मौन श्रद्धांजलि भी होगी। इस कार्यक्रम से गैस त्रासदी की विधवाओं को पेंशन के फिर से चालू होने की उम्मीद बंधी है, उनका कहना है कि हो सकता है सीएम शिवराज पेंशन चालू करने की घोषणा कर दें।

खुले मंच पर होगा कार्यक्रम

इधर, सर्वधर्म सभा के आयोजन को लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने अपने विभाग के अपर मुख्य सचिव की सलाह मानने से इनकार कर दिया। अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए 3 दिसंबर की सर्वधर्म सभा स्थगित करने की सलाह दी थी। मंत्री सारंग ने सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क और सैनिटाइजर का उपयोग सुनिश्चित करते हुए खुले मंच से छोटा कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आयोजन में शासन की कोविड रोकथाम गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा है।

गैस पीड़ित विधवाएं कर सकती हैं प्रदर्शन

भोपाल गैस कांड ने शहर की जिन 5 हजार महिलाओं के जीवन का सहारा छीना था उनमें से 4650 आज भी जीवित हैं। बाकी की 350 महिलाएं बीमारी के कारण दुनिया से चल बसी हैं। इनके बुढ़ापे का एकमात्र आर्थिक सहारा 1000 रुपये मिलने वाली गैस पीड़ित विधवा पेंशन है, जो दिसंबर 2019 से बंद है। इसे पूर्व में न कमलनाथ सरकार चालू करा पाई और न ही अब शिवराज सिंह चौहान की सरकार चालू करवा पा रही है। ये महिलाएं पेंशन चालू करने की मांग को लेकर उस दिन विरोध कर सकती हैं।

2 और 3 दिसंबर की दरमियानी रात को भोपाल में विश्व की भीषणतम औद्योगिक त्रासदी हुई थी। यूनियन कार्बाइड से मिथाइल आइसोसाइनाइट गैस निकलने की वजह से शहर के हजारों लोगों की मौत हो गई थी। वहीं हजारों परिवार आज भी इस त्रासदी का दंश झेल रहे हैं।