नई दिल्ली | सुदर्शन टीवी केस की सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के दौरान एक वकील शर्टलेस होकर कैमरे के सामने बैठ गए। सुप्रीम कोर्ट कई जज इसको लेकर हैरान हैं और अपनी नाराजगी जाहिर की है। इससे पहले भी ऑनलाइन सुनवाई के दौरान एक वरिष्ठ वकील स्मोकिंग करते हुए दिख चुके हैं तो एक बनियान पहनकर ही दलीलें देने लगे। बेंच की अगुआई कर रहे जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने पूछा कि सुनवाई के दौरान जज कौन था, लेकिन किसी ने उत्तर नहीं दिया। बताया जा रहा है कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस तरह के बेढंगे व्यवहार को लेकर आपत्ति जाहिर की है। बेंच की सदस्य जस्टिस इंदु मलहोत्रा ने भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि यह काम माफी योग्य नहीं है। आजकल सुप्रीम कोर्ट सहित अन्य अदालतों में ऑनलाइन सुनवाई हो रही है। यह पहला मामला नहीं है जब वकील शिष्टाचार का उल्लंघन करते हुए पाए गए हैं। वरिष्ठ वकील राजीव धवन एक ऑनलाइन सुनवाई के दौरान स्मोकिंग करते हुए दिखे थे। राजस्थान हाई कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एक वकील बनियान में ही शामिल हो गए थे, जिसपर जजों ने नाराजगी जाहिर की थी। कोर्ट ने कहा, ''इस कोर्ट ने पहले ही कहा है कि महामारी के दौरान कोर्ट का कामकाज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चल रहा है, वकील उचित वर्दी में प्रस्तुत हों। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता के वकील सही यूनिफॉर्म में नहीं थे, सुनवाई स्थगित की जाती है।'' एडवोकेट एक्ट के तहत वकीलों को कोर्ट के सामने निर्धारित वर्दी में हाजिर होना होता है। गुजरात हाई कोर्ट ने ऑनलाइन सुनवाई के दौरान स्मोकिंग करते हुए पकड़े जाने पर एक वकील पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था।