भोपाल 8सितम्बर/दुबई से निवेशकों को CM का संदेश
सीएम ने दुबई में इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश को किया संबोधित,इंटरैक्टिव सेशन में निवेशकों को दिया आमंत्रण;15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर, MP में उद्योग लगाना हुआ आसान,उद्योगों के लिए 2700 नियम और 900 कानून समाप्त,मध्यप्रदेश आशाओं और असीम संभावनाओं की धरती।
मध्यप्रदेश को देश-दुनिया के निवेश मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को दुबई में आयोजित “इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश” को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, खनिज संपदा, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी, कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियों की जानकारी देते हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 (GIS-2027) में भागीदारी का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब निवेशकों के लिए केवल संभावनाओं वाला प्रदेश नहीं, बल्कि निवेश को धरातल पर उतारने वाला राज्य बन रहा है। उद्योगों और व्यापार को सरल बनाने के लिए प्रदेश में 2700 से अधिक नियमों और लगभग 900 कानूनों को समाप्त किया गया है। सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं में समय न गंवाना पड़े और उद्योग तेजी से स्थापित हो सकें। उन्होंने कहा कि निर्धारित नीतियों के अंतर्गत निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और आवश्यकता होने पर नीतियों में आवश्यक छूट भी दी जाएगी। औद्योगिक इकाई स्थापित करने के लिए प्रदेश में अब 29 दिन में जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सरकार ऑन-द-स्पॉट लैंड अलॉटमेंट की दिशा में काम कर रही है। प्रदेश में एक लाख से अधिक औद्योगिक लैंड बैंक तथा पांच लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क निवेशकों को मजबूत आधार प्रदान करता है।
15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। मध्यप्रदेश से वर्तमान में 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य तेज आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, समय-सीमा में कार्यों के निपटारे की व्यवस्था और आवश्यक अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
खनिज संपदा और ग्रीन एनर्जी में बड़े अवसर: मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की खनिज संपदा को निवेश का बड़ा आधार बताते हुए कहा कि प्रदेश में हीरा, सोना, तांबा, मैंगनीज, चूना पत्थर सहित विभिन्न खनिज संसाधनों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश में आकर खनन और उससे जुड़े उद्योगों में निवेश करने का आह्वान किया। डॉ. यादव ने कहा कि होटल व्यवसाय में निवेश करने वालों को सरकार 30 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। प्रदेश ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए भी लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों और प्रतिस्पर्धी बिजली दरों को भी निवेशकों के सामने रखा।
यूएई से सीधी एयर कनेक्टिविटी और शारजाह के लिए उड़ान: मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की एविएशन पॉलिसी को देश की बेहतर नीतियों में शामिल बताते हुए कहा कि प्रदेश से यूएई और अबुधाबी के लिए सीधी एयर कनेक्टिविटी शुरू हो चुकी है। सरकार प्रति फ्लाइट वीजीएफ उपलब्ध कराने की दिशा में भी सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि अगले महीने मध्यप्रदेश से शारजाह के लिए भी उड़ान सेवा शुरू होने की योजना है। उन्होंने कहा कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी से मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापार, पर्यटन और निवेश के संबंध और मजबूत होंगे।
“दुबई ने समय को पहचाना, अब मध्यप्रदेश भी अवसर पहचान रहा है”: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि बुर्ज खलीफा की ऊंचाई के साथ दुबई का भाग्य भी बदलता चला गया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी अपनी संभावनाओं और संसाधनों के आधार पर विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि “हम मध्यप्रदेश की समृद्धि के लिए वक्त से, वक्त को पहचानने वालों के बीच आए हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नवाचार, विकास और साझा समृद्धि की सोच से निवेशकों को जोड़ना चाहता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की कार्यपद्धति से दुनिया में रहने वाला भारतीय समुदाय स्वयं को गौरवान्वित महसूस करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में विकास का मॉडल प्रस्तुत किया और अब प्रधानमंत्री के रूप में भारत की अर्थव्यवस्था को नई वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि दुबई वैश्विक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और यूएई के माध्यम से अफ्रीका, एशिया और यूरोप के साथ व्यापार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश का यूएई के निवेशकों से सीधा संवाद महत्वपूर्ण है।
लॉजिस्टिक्स, खनन और पर्यटन में अपार संभावनाएं: औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने निवेशकों को मध्यप्रदेश की औद्योगिक एवं निवेश संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रदेश की मजबूत कनेक्टिविटी, निवेश-अनुकूल नीतियों और विकसित हो रहे औद्योगिक इकोसिस्टम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 के तहत निवेशकों को फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 30 प्रतिशत तक सहायता सहित विभिन्न प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, नर्मदा एक्सप्रेस-वे तथा दिल्ली-नागपुर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ने वाले औद्योगिक अवसरों की जानकारी भी निवेशकों को दी गई। खनन क्षेत्र में हीरा, तांबा, मैंगनीज, चूना पत्थर और स्वर्ण सहित खनिज संसाधनों को निवेश के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया।
13.41 करोड़ पर्यटकों का आगमन—पर्यटन में भी निवेश के अवसर: अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने मध्यप्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन्यजीव संपदा को पर्यटन निवेश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में प्रदेश में 13.41 करोड़ पर्यटक आए। उन्होंने पर्यटन नीति-2025 के तहत पूंजी निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति और 90 वर्ष तक की लीज जैसी सुविधाओं की जानकारी दी। प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर होटल, रिसॉर्ट, मनोरंजन और अन्य पर्यटन अधोसंरचना में निजी निवेश की संभावनाओं को भी प्रस्तुत किया गया।
भारत-यूएई संबंधों को मजबूत करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भागीदार
दुबई में भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी ने कहा कि भारत और यूएई के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के लिए कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उद्योग जगत के साथ निरंतर संवाद की पहल की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश और यूएई के बीच जुड़ाव को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने मध्यप्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी, तेज आर्थिक विकास तथा पर्यटन और आध्यात्मिक संभावनाओं की भी सराहना की।
“चित्रकूट की धरती पर निवेश का सौभाग्य” आईपीएफ यूएई: आईपीएफ यूएई के नेशनल प्रेसिडेंट जितेंद्र वैद्य ने मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के वनवास से चित्रकूट का गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत वाले राज्य में निवेश का अवसर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की निवेश आकर्षित करने के लिए की जा रही सक्रियता की सराहना की।
उद्योग जगत ने भी की मध्यप्रदेश की नीतियों की सराहना: उद्योगपति एवं राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश आने वाले समय में देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों को सरकार की ओर से हर संभव सहयोग मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए मध्यप्रदेश की तेज आर्थिक वृद्धि का उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश को आगे ले जाने में मुख्यमंत्री की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही प्रमुख सहभागिता: कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंचासीन एवं उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और निवेश जगत से जुड़े प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। उन्होंने विशेष रूप से राज्यसभा सांसद एवं उद्योगपति राजिंदर गुप्ता, केरल से मध्यप्रदेश में अपनी यात्रा और निवेश संभावनाओं से जुड़े अनुभव साझा करने वाले सिद्धार्थ, भारत के काउंसिल जनरल डॉ. ई. विष्णुवर्धन रेड्डी, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन नीरज मंडलोई, MPIDC के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला, कमिश्नर जनसंपर्क मनीष सिंह तथा कमिश्नर जॉन किंग्सले सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों के साथ साझेदारी में प्रदेश को औद्योगिक, आर्थिक और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निवेशकों से मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने और GIS-2027 में सहभागी बनने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री का संदेश—“निवेश करें, मध्यप्रदेश की समृद्धि के भागीदार बनें”: दुबई में आयोजित यह इंटरैक्टिव सेशन मध्यप्रदेश की वैश्विक निवेश रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री ने एक ओर जहां प्रदेश में किए गए नियामकीय सुधारों और निवेश सुविधाओं को सामने रखा, वहीं दूसरी ओर खनन, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी, एविएशन और औद्योगिक अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश रहा कि मध्यप्रदेश अब निवेशकों के लिए संभावनाओं की धरती के साथ-साथ तेज निर्णय, बेहतर कनेक्टिविटी और अनुकूल औद्योगिक वातावरण वाला प्रदेश है। सरकार का लक्ष्य निवेश को केवल प्रस्तावों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारकर रोजगार, उत्पादन और प्रदेश की समृद्धि में बदलना है।

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