कंप्यूटर को इस्तेमाल करने की आदत के कारण अब बच्चों को इस पर लिखना आसान लगने लगा है, जिस कारण न केवल उनकी लिखने में दिलचस्पी कम हो रही है बल्कि उनकी हैंडराइटिंग (लिखावट) भी बिगड़ती जा रही है। अगर आपका बच्चा भी इनमें से एक हैं तो कुछ टिप्स लेकर आप अपने बच्चे की हैंडराइटिंग को सुधार सकते हैं।
आमतौर पर बच्चे हैंडराइटिंग की तरफ ध्यान नहीं देते। उन्हें लगता है कि पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए हैंडराइटिंग का सुदंर होना उतना जरूरी नहीं है बल्कि सबकुछ ठीक लिखा होना चाहिए जबकि खराब हैंडराइटिंग होने की वजह से जवाब सही होने पर भी अंक कम आते हैं क्योंकि अगर टीचर्स को कुछ समझ ही नहीं आएगा तो वह नंबर कैसे देंगे।
स्टडी टेबल की ऊंचाई हो सही
बच्चे की स्टडी टेबल की ऊचांई बिल्कुल सही होनी चाहिए। टेबल इतना ऊंचा होना चाहिए, जिस पर बच्चा आराम से कोहनियां टिका कर लिख सके। साथ ही कुर्सी भी ऐसी होनी चाहिए, जिस पर बैठने पर बच्चे के पैर आसानी से जमीन तक पहुंच सकें।
पैंसिल पकड़ने का तरीका
बच्चे को पैंसिल पकड़ने का सही तरीका बताएं। गलत तरीके से पैंसिल पकड़ने से लिखने में कठिनाई होती है और लिखावट भी बिगड़ जाती है। बच्चे को अंगूठे और दूसरी उंगली के बीच में पैंसिल रखकर उसके ऊपरी भाग को कपड़कर लिखना सिखाएं। इस तरह पैंसिल पकड़ने से बच्चे को लिखने में आसानी होगी।
राइटिंग प्रोजैक्ट्स
बच्चों को राइटिंग प्रोजैक्ट्स देकर भी हैंडराइटिंग सुधारने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। आप उसे दोस्त को लैटर लिखने के लिए कह सकती हैं। उसे फैंसी कविता लिखने को कहें। इसके अलावा उन्हें अलग-अलग कार्ड बनाने को कहें। इससे भी उनकी खराब राइटिंग में सुधार होगा।
यदि आप बच्चे को अलग-अलग राइटिंग स्टाइल सिखाना चाहती हैं तो उसके सामने राटिंग स्टाइल का मॉडल रख दें। इसके लिए नोटबुक के हर पन्ने पर एक-एक अल्फाबैट लिखकर बच्चे को बताएं कि उसे कैसे लिखा जाता है। फिर उसे अभ्यास करने को कहें।
अन्य तरीके
बच्चों को बिना गलती किए लिखने के लिए कहें। इस बात का ध्यान रखें कि वह ओवरराइट न करें। यदि कुछ गलत हो गया है तो उसे सिंगल लाइन से क्रॉस करें।
सभी अल्फाबैट (अक्षर) एक ही लाइट में लिखवाएं। इससे राइटिंग में सुधार होगा।
सभी लैटर एक जैसे लिखने को कहें। इस बात का भी ध्यान रखें कि कुछ लैटर सीधे और कुछ झुके हुए न हों। शब्दों के बीच कितनी जगह छोड़नी है, इसका भी ध्यान रखें।