भोपाल । “ हर चुनाव में जेब में एक नारियल लेकर चलने वाले शिवराज इन उपचुनावों में दो-दो नारियल लेकर चल रहे है रोज़ झूठ,  झूठी घोषणाएँ इनकी आदत बन चुका है।
कुछ लोग बिकाऊ हो सकते है लेकिन प्रदेश के मतदाताओं को बिकाऊ समझने की भूल ना करे भाजपा व शिवराज “उक्त सम्बोधन आज अपने रायसेन दौरे पर एक विशाल जनसभा में देते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आज यहां उपस्थित भारी जनसैलाब को देखते उन्हें बल व शक्ति मिल रही है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में उप चुनाव की घोषणा हुई है, 3 नवंबर को चुनाव होने जा रहा है, यह कहने को उपचुनाव है लेकिन यह वास्तव में मध्यप्रदेश के भविष्य का चुनाव है, यह उपचुनाव मध्यप्रदेश का भविष्य तय करेगा, यह तय करेगा कि प्रदेश कौन सी पटरी पर चलेगा, प्रदेश के नौजवानों का, किसानों का भविष्य क्या होगा ?
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर जी ने हमें संविधान दिया, उन्होंने इसमें कई प्रावधान रखे कि कभी कोई विधायक या सांसद नहीं रहेगा तो उपचुनाव होंगे लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि ऐसा भी समय आएगा कि सौदा होने के कारण उपचुनाव की नौबत आएगी।भाजपा ने संविधान और प्रजातंत्र के साथ खिलवाड़ किया है।मध्य प्रदेश को भाजपा ने देश भर में कलंकित किया है, राजनीति को बिकाऊ बनाने का काम भाजपा ने किया है। 15 वर्ष बाद हमारी सरकार आयी थी, प्रदेश की जनता ने नवंबर 2018 में हमें सत्ता की बागडोर सौंपी।जनता ने कहा कि शिवराज जी आप का 15 वर्ष का शासन काल हमने देख लिया, बहुत हो गया, बहुत देख ली आपकी झूठी घोषणाएं, झूठे आश्वासन देख लिए, अब हम कांग्रेस को मौका देना चाहते हैं लेकिन इन्हें बर्दाश्त नहीं हुआ और 15 माह में ही हमारी चुनी हुई लोकप्रिय, जनादेश वाली सरकार को गिरा दिया गया।
शिवराज जी आज भी झूठ बोलने से, झूठी घोषणाओं से बाज नहीं आ रहे हैं।यहाँ रायसेन आकर भी कई झूठी घोषणाएं कर गए।आप सभी जानते हैं कि 15 वर्ष की भाजपा की सरकार के बाद उन्होंने हमें कैसा प्रदेश सौंपा था।किसानों की आत्महत्याओं में नंबर वन, बेरोजगारी में नंबर वन, महिलाओं पर अत्याचार में नंबर वन, भ्रष्टाचार में नंबर वन, कितनी चुनौतियां हमारे सामने थी।हमारे कृषि क्षेत्र में हम कैसे क्रांति लाएं क्योंकि हमारी प्रदेश की 70% अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है।हमने 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया, भाजपा सरकार ने विधानसभा में इस सच को स्वीकारा लेकिन उसके बाद भी वे झूठ बोलने से बाज नहीं आ रहे हैं।हम 1 जून से कर्ज माफी का तीसरा चरण प्रारंभ करने जा रहे थे,  हमारी सरकार आने पर हम इस वादे को निभाएंगे, बचे हुए किसानों का भी कर्ज माफ होगा।मैं शिवराज जी की तरह घोषणावीर नहीं हूं।
हमें प्रदेश का नवनिर्माण करना होगा, प्रदेश में निवेश को लेकर मैंने काम किया।निवेश तभी आता है, जब प्रदेश में विश्वास का माहौल हो।मैं प्रदेश की जनता से पूछना चाहता हूं क्या माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर मैंने कोई पाप किया ? मिलावट के खिलाफ अभियान चलाकर मैंने कोई गुनाह किया ? पिछड़े वर्ग को 27% आरक्षण देकर मैंने कोई गलती की ? गौमाता के लिये 1000 गौशालाएँ बनाने का मेरा निर्णय गलत था ? मैंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को डबल किया क्या यह मेरा गुनाह था ? शिवराज जी को शर्म आनी चाहिए,  अपने 15 साल के कार्यों का हिसाब नहीं देते और मुझसे 15 माह का हिसाब मांगते हैं।
मोदी जी पहले कहते थे हमारी सरकार आयी तो हम 2 करोड़ युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार देंगे, फिर कोरोना महामारी में उन्होंने 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की।मैं पूछना चाहता हूं क्या किसी को 20 रुपये भी मिले क्या ?
इस अवसर पर सभा को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभी केंद्र की मोदी सरकार ने किसान विरोधी 3 कानून लागू किये है।इन कानूनों के माध्यम से वह मंडियों का निजीकरण करना चाहते है।इस निर्णय से किसान बर्बाद होगा लेकिन बड़े-बड़े औद्योगिक घराने, व्यापारी फायदे में रहेंगे।भाजपा को किसानों की चिंता नहीं है उन्हें तो बड़े व्यापारियों की चिंता है।मैं इस मंच के माध्यम से उन अधिकारियों को चेतावनी देना चाहता हूं जो निष्पक्ष ढंग से काम नहीं करते हुए भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं।पुलिस को अपनी वर्दी की इज्जत रखना चाहिए।मैं शुरु से कहता हूं कि कमलनाथ की चक्की देर से चलती है लेकिन पिसती बहुत बारीक है।मैं जनता को गवाह बनाकर ऐसे अधिकारियों से हिसाब लूँगा।
मैं आप सभी से अपील करता हूं कि हमारे साँची के प्रत्याशी श्री मदन लाल चौधरी बेहद सरल, सहज, साधारण व ग़रीब परिवार से है।इन्होंने जनता की खूब सेवा की है, आप इन्हें जिताये, हम इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।
इस अवसर पर सभा को पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी,  मदनलाल चौधरी, पूर्व मंत्री सुखदेव पाँसे, पीसी शर्मा, शशांक भार्गव, शैलेंद्र पटेल,  देवेंद्र पटेल,  कमल सिलाकारी आदि ने भी संबोधित किया।