वंदे मातरम् से गूंजा सदन, 10 घंटे की बहस के बाद पारित हुआ नारी शक्ति वंदन संकल्प अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया विशेष सत्र का महत्व।

मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को राष्ट्रभक्ति और गरिमा के वातावरण में वंदे मातरम् गान के साथ आरंभ हुआ। पूरे दिन चले इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर लाया गया शासकीय संकल्प सदन में लगभग 10 घंटे तक चली तीखी बहस, भारी हंगामे और विपक्ष के वाकआउट के बाद अंततः पारित कर दिया गया। यह दिन प्रदेश की संसदीय परंपरा और महिला सशक्तिकरण के संकल्प के रूप में दर्ज हो गया।

विशेष सत्र के दौरान सत्ता पक्ष ने इसे महिलाओं को राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी दिलाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया, जबकि विपक्ष ने विभिन्न बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए सदन से वाकआउट किया। इसके बावजूद सरकार ने संकल्प को पारित कराते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और नेतृत्व को बढ़ावा देना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विशेष सत्र के समापन अवसर पर नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने विशेष संबोधन में कहा कि विधानसभा का विशेष सत्र किसी सामान्य कार्यवाही के लिए नहीं बुलाया जाता, बल्कि उसका विषय पूर्व निर्धारित और अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विशेष सत्र जनता की आकांक्षाओं और समय की आवश्यकता के अनुरूप बड़े निर्णय लेने का माध्यम होते हैं। अध्यक्ष तोमर ने कहा कि आज का विषय महिला सशक्तिकरण से जुड़ा था, इसलिए इसकी गंभीरता और महत्ता और भी बढ़ जाती है। उन्होंने सभी सदस्यों से संसदीय गरिमा बनाए रखने, सकारात्मक बहस करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने का आह्वान किया।

इस विशेष सत्र की एक विशेष झलक यह भी रही कि सदन की दर्शक दीर्घा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उपस्थित होकर कार्यवाही को देखा। महिलाओं की सक्रिय उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक दिन को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक रहा कि अब महिलाएं केवल दर्शक नहीं, बल्कि लोकतंत्र की निर्णायक शक्ति बन रही हैं। प्रदेश की राजनीति में यह विशेष सत्र महिला प्रतिनिधित्व, सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक सहभागिता के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। नारी शक्ति वंदन संकल्प के पारित होने से प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद जगी है। वंदे मातरम् की स्वर लहरियों से शुरू हुआ यह विशेष सत्र महिला सम्मान, लोकतांत्रिक संकल्प और ऐतिहासिक निर्णय के साथ संपन्न हुआ, जिसने मध्य प्रदेश विधानसभा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal