रक्तदाताओं का हुआ सम्मान – बीके परिवार ने दिया मानवता का अनमोल संदेश

25-26 अगस्त मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान, राजयोग भवन, ई-5 अरेरा कॉलोनी में दो दिवसीय विशेष आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित हुए। विश्व बंधुत्व दिवस पर पुण्य स्मृति आयोजन 25 अगस्त 2025, सोमवार को राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी (पूर्व मुख्य प्रशासिका, ब्रह्माकुमारीज) की 18वीं पुण्य स्मृति तिथि को विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया गया। सुबह 7.30 बजे मुरली क्लास, श्रद्धांजलि एवं भोग कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बीके भाई-बहनों एवं भोपाल के गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर मानव सेवा और विश्व बंधुत्व का संदेश दिया।

रक्तदान महादान एवं सम्मान समारोह विश्व बंधुत्व दिवस के उपलक्ष्य में 26 अगस्त 2025, मंगलवार को शाम 7 बजे से रक्तदान महादान एवं रक्तदाताओं का सम्मान समारोह हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रक्तदाताओं को अवधेश बहन जी (मुख्य प्रशासिका, म.प्र. ब्रह्माकुमारीज) ने ब्रह्माकुमारी संस्थान एवं सहयोगी अस्पतालों की ओर से प्रशस्ति पत्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रमुख वक्ताओं के विचार
अवधेश बहन जी (बीके, मुख्य प्रशासिका) – “दादी प्रकाशमणि जी सदा कहती थीं – ‘हाँ जी’ करना ही ईश्वर प्राप्ति और आगे बढ़ने का मार्ग है।”

आशीष गुप्ता (बीके, मीडिया विंग संयोजक, डायरेक्टर रेडियो सरगम 90.8 FM) – “ज्ञान दान महादान है। रक्तदान करने वालों को दुआओं की सबसे बड़ी शक्ति मिलती है।”

ज्योति सिंह (महिला अधिकार मंच अध्यक्ष) – “रक्तदान सच्चा दान और महादान है।”

अमित चौहान (अखंड सेवा समिति अध्यक्ष) – “जैसे पानी प्यास बुझाने में भेदभाव नहीं करता, वैसे ही गुप्त दान का महत्व है।”

जितेंद्र जैन (गवर्नर, रोटरी इंटरनेशनल) – “रक्तदान समाज और देश की सबसे बड़ी सेवा है।”

बीके ममता बहन – “आत्मा ही शरीर को चलाने वाली शक्ति है, और उसके असली गुण हैं पवित्रता, शांति, ज्ञान और आनंद।”

बीके मोनिका बहन – राजयोग ध्यान द्वारा गहन शांति और परमात्म अनुभव कराया।

राजाराम शिवहरे (व्यापारी व समाजसेवी) – “बीके बहनें 137 देशों में निस्वार्थ सेवा कर रही हैं।”

राजपाल सिंह (पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव के भाई) – “बीके बहनों द्वारा चलाए गए नशा मुक्ति अभियान से हजारों लोगों ने नशा छोड़ दिया।” रक्तदान जीवन बचाने का सबसे श्रेष्ठ उपाय है। एक यूनिट रक्त से तीन जिंदगियां बच सकती हैं। बीके परिवार का विश्वास है रक्तदान शरीर को कमजोर नहीं करता, बल्कि दुआओं की शक्ति प्रदान करता है।

यह सच्चा बंधुत्व और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। कार्यक्रम की विशेषता इस आयोजन में बीके भाई-बहनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, राजनेताओं एवं समाजसेवियों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। मंच संचालन बीके सरिता बहन ने किया साथ ही कार्यक्रम में बीके परिवार के बीके झब्बू भाईजी,बीके सुधीर भाई, बीके राठौर भाईजी, बीके धर्मेन्द्रभाईजी, बीके सुरेश भाई,आशीष भाई,बीके सनातन भाई, बीके जयभाई, बीके महेन्द्र भाई , बीके राजूभाई,बीके राम भाई, बीके अर्जुन भाई, बीके मयंक भाई, बीके प्रियांशु भाई, बीके पारस बहन ,बीके गंगा बहन,बीके आरती बहन के अलावा गणमान्य नागरिक एवं समाज सेवक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

भारत की जनता के लिए संदेश बीके परिवार (ब्रह्माकुमारीज) अपने आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों से यह संदेश दे रहा है कि “रक्तदान महादान है, जीवनदान है।” जब तक हर नागरिक में निस्वार्थ सेवा और भाईचारे की भावना नहीं होगी, तब तक विश्व बंधुत्व अधूरा रहेगा। बीके बहनें और भाई आज भारत ही नहीं बल्कि विश्व के 137 देशों में मानवता और ईश्वर संदेश की वाहक बनकर कार्य कर रहे हैं।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal