मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए तीन चीतों को बाड़े से मुक्त कर अभयारण्य में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ दिया। इस अवसर पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्पों के अनुरूप कूनो में चीतों के पुनर्स्थापन कार्य को नई दिशा और मजबूती मिली है। यह कदम वैश्विक वन्यजीव संरक्षण प्रयासों में भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “मध्य प्रदेश की धरती पर सभी जीव सुरक्षित रहेंगे, यह हमारी सरकार का संकल्प है।” उन्होंने बताया कि चीतों की सतत् निगरानी के लिए उन्नत रेडियो ट्रैकिंग प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से विशेषज्ञ टीम चौबीसों घंटे चीतों की गतिविधियों पर नजर रखेगी। यह प्रणाली चीतों की सुरक्षा और उनके अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान के वर्ष 2026 के आकर्षक कैलेंडर और ‘फील्ड मैन्युअल फॉर क्लिनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री-रेंजिंग चीताज़ इन कूनो नेशनल पार्क’ पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही कूनो में नव-निर्मित ‘सोवेनियर शॉप’ का लोकार्पण कर स्थानीय पर्यटन विकास को नई दिशा दी।

कूनो के पारोंद में आयोजित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को चीता दिवस की शुभकामनाएँ दीं और चीता प्रोजेक्ट को सफल बनाने में जुटे वन विभाग के अफसरों और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि चीतों की वापसी केवल पर्यावरणीय उपलब्धि ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की जैव-विविधता के नए युग की शुरुआत है।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal