दुबई में मध्य प्रदेश की निवेश गाथा को नई उड़ान,53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों से मजबूत हुई प्रदेश की औद्योगिक संभावनाएं।

मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दुबई दौरा महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा रहा। प्रवास के तीसरे दिन मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों, उद्योगपतियों और प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ सिलसिलेवार उच्चस्तरीय बैठकें कर मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने उद्योग जगत को प्रदेश की पारदर्शी नीतियों, अनुकूल कारोबारी वातावरण, विशाल लैंड बैंक, मजबूत अधोसंरचना और कुशल मानव संसाधन से अवगत कराते हुए जनवरी 2027 में भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में सहभागी बनने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अब केवल निवेश के लिए संभावनाओं वाला राज्य नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार, रोजगार और औद्योगिक विकास के लिए तैयार एक मजबूत गंतव्य बन चुका है। दुबई में हुई बैठकों में ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, जेम्स एंड ज्वैलरी, मीडिया, गेमिंग, पर्यटन और अत्याधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश पर व्यापक चर्चा हुई।

राणा होल्डिंग्स का 35,200 करोड़ रुपये का प्रस्ताव: राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ चर्चा में मध्य प्रदेश में करीब 35,200 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर विचार हुआ। प्रस्ताव के अंतर्गत 2,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा परियोजना, 200 मेगावॉट ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, 50 मेगावॉट क्षमता का एआई डेटा सेंटर तथा 30,000 एमटीपीए क्षमता वाला मिनरल्स रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स शामिल है। यह प्रस्ताव प्रदेश में हरित ऊर्जा, स्वच्छ तकनीक और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एआई और डेटा सेंटर के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं: एनआईडीआई सर्विसेज डीएमसीसी-एससीएनईएलएलसी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष 50 मेगावॉट क्षमता वाली सॉवरेन एआई फैक्ट्री और इंडस्ट्रियल एआई कंप्यूट कैंपस की रूपरेखा प्रस्तुत की। परियोजना में करीब 1.5 से 2 अरब डॉलर यानी लगभग 18 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना व्यक्त की गई है। भविष्य में इसकी क्षमता 100 मेगावॉट तक बढ़ाई जा सकती है। इससे मध्य प्रदेश को देश के उभरते हुए एआई, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। वहीं जेम्स एजुकेशन के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल और आधुनिक शिक्षा परिसरों की स्थापना पर भी चर्चा हुई।

स्वास्थ्य से लेकर लॉजिस्टिक्स तक निवेश के नए द्वार: मुख्यमंत्री ने प्योर हेल्थ के साथ डिजिटल हेल्थ और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों की संभावनाओं पर चर्चा की। शराफ ग्रुप और डीपी वर्ल्ड के साथ मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा कोल्ड चेन के विकास पर विचार-विमर्श हुआ। इसी प्रकार केजीके ग्रुप के साथ डायमंड प्रोसेसिंग एवं जेम्स-ज्वैलरी क्षेत्र, विस्टास मीडिया के साथ VFX एवं गेमिंग हब और VFS Global के साथ भोपाल एवं इंदौर में वीजा सुविधा विस्तार तथा पर्यटन कौशल विकास जैसे विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

शारजाह के उद्योगपतियों को GIS-2027 का आमंत्रण: शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ मुख्यमंत्री की बैठक में टेक्सटाइल, फार्मा, फूड प्रोसेसिंग और SME सेक्टर में पारस्परिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने शारजाह के प्रमुख उद्योगपतियों को GIS-2027 में मध्य प्रदेश की निवेश यात्रा का भागीदार बनने का औपचारिक आमंत्रण दिया।

MPIDC को ‘विनर एशिया’ सम्मान: एआईएम कांग्रेस-2026 में मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) को ‘विनर एशिया’ सम्मान मिलना भी प्रदेश की बढ़ती वैश्विक निवेश साख का महत्वपूर्ण प्रमाण रहा। FDI, नवाचार, रोजगार सृजन और सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए यूएई के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयौदी ने यह सम्मान प्रदान किया। यह उपलब्धि मध्य प्रदेश की निवेश नीति और औद्योगिक विकास के प्रति वैश्विक स्तर पर बढ़ते विश्वास को रेखांकित करती है।

इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन कॉरिडोर में विश्वस्तरीय विकास की पहल: एमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक मोहम्मद अलाब्बार से मुलाकात में मुख्यमंत्री ने इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर में विश्वस्तरीय टाउनशिप और हॉस्पिटैलिटी परियोजनाओं में निवेश का न्योता दिया। इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ शहरीकरण, पर्यटन, रोजगार और सेवा क्षेत्र को भी नई गति मिलने की संभावना है।

34 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों का दावा: अंतरराष्ट्रीय मीडिया से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि पिछले 30 महीनों में मध्य प्रदेश को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इनमें से 30 प्रतिशत से अधिक परियोजनाएं जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रदेश की 11 प्रतिशत से अधिक आर्थिक विकास दर, विशाल लैंड बैंक और 8 सक्रिय हवाई अड्डों को निवेश के लिए प्रमुख ताकत बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए नीतिगत स्थिरता, संसाधन, कनेक्टिविटी और औद्योगिक विस्तार की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश: मध्य प्रदेश बनेगा नई औद्योगिक अर्थव्यवस्था का केंद्र,दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बैठकों से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि मध्य प्रदेश अपनी पारंपरिक औद्योगिक पहचान से आगे बढ़ते हुए ग्रीन एनर्जी, एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर और आधुनिक शिक्षा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है।

मुख्यमंत्री का उद्योग समूहों को GIS-2027 के लिए आमंत्रण केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य प्रदेश में नए उद्योग, युवाओं के लिए रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति, तकनीकी कौशल का विस्तार और मध्य प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाना है। जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट इसी निवेश अभियान को एक बड़े वैश्विक मंच में बदलने की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम होगी।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal