एच-1बी वीजा धारकों को लेकर मेटा पर फिर छिड़ी बहस
मेटा प्लेटफॉर्म को विदेशी कर्मचारियों को कम भुगतान के चलते प्राथमिकता देने के चक्कर में मुकदमा का सामना करना पड़ेगा। सान फ्रांसिस्को में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज लॉरेल बीलर ने कहा, तीन अमेरिकी नागरिकों ने मेटा पर उन्हें काम पर रखने से इन्कार करने का आरोप लगाया है, जबकि वे योग्य थे। ये तीनों वादी (पुरुषोत्तमन राजाराम, एकता भाटिया और क्यून वांग) प्रस्तावित सामूहिक कार्रवाई कर सकते हैं।
संघीय न्यायाधीश ने कहा, मेटा ने कहा था कि वह विदेशी कर्मचारियों को इसलिए काम पर रखना पसंद करती है क्योंकि उन्हें अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन देना पड़ता है। तीन वादियों में दो भारतीय मूल के प्राकृतिक अमेरिकी नागरिक हैं, जिनमें राजाराम आईटी कार्यकर्ता और एकता सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। क्वांग डाटा वैज्ञानिक हैं। तीनों ने 2020 व 2024 में आवेदन किया था।
न्यायाधीश ने आंकड़ों का हवाला दिया
न्यायाधीश लॉरेल बीलर ने आंकड़ों का हवाला दिया कि मेटा में अमेरिकी कार्यबल का 15% एच-1बी (विदेशी वीजा धारक) होते हैं। उन्होंने संघीय सरकार के दावों को निपटाने के लिए नागरिक जुर्माना सहित 1.425 करोड़ डॉलर तक का भुगतान करने के मेटा के अक्तूबर 2021 के समझौते का भी हवाला दिया। इसमें अस्थायी वीजा धारकों को आरक्षित नौकरियों के लिए अमेरिकी श्रमिकों पर विचार करने से नियमित रूप से इन्कार शामिल है। बीलर ने कहा, ये आरोप वादी की समग्र शिकायत का समर्थन करते हैं कि उन्हें इसलिए काम पर नहीं रखा गया क्योंकि मेटा एच-1बी वीजा धारकों का पक्ष लेता है।
वीजा कर्मियों के प्रति तकनीकी उद्योग में पक्षपात आम
तीनों वादियों के वकील डैनियल लो ने कहा, हमें उम्मीद है कि यह मुकदमा वीजा कर्मियों के प्रति पक्षपात को दूर करने में मदद करेगा, जो तकनीकी उद्योग में आम बात है। इस मुद्दे के लिए अतिरिक्त प्रवर्तन या विधायी सुधार की जरूरत होगी। नवंबर 2022 में न्यायाधीश बीलर ने मुकदमे के पहले संस्करण को खारिज कर दिया था, जिसमें केवल राजाराम को वादी के रूप में नामित किया गया था। लेकिन बाद में इसमें दो और वादी जुड़ गए।
कॉपीराइट के इस्तेमाल पर चर्चा
मेटा के कर्मचारी वर्षों से कंपनी के एआई मॉडल के लिए कानूनी रूप से कॉपीराइट कार्यों का इस्तेमाल करने पर आंतरिक चर्चा करते रहे हैं। यह दावा काड्रे बनाम मेटा मामले में वादी की ओर से पेश किए दस्तावेज के आधार पर हुआ है। कर्मचारियों में हुई चैट बताती है कि मेटा ने एआई मॉडल्स के लिए कॉपीराइट डाटा का उपयोग कैसे किया।

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