भोपाल22जनवरी/दावोस में ‘इन्वेस्ट इन इंडिया–मध्यप्रदेश’ का प्रभावी संदेश:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
उद्योग हितैषी नीतियों, नवकरणीय ऊर्जा और तेज औद्योगिक विकास से मध्यप्रदेश बना वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद,विकास ने खींचा निवेशकों का ध्यान,इन्वेस्ट इन इंडिया–मध्यप्रदेश एक रणनीतिक निवेश केंद्र पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 में इन्वेस्ट इन इंडिया–मध्यप्रदेश: एक रणनीतिक निवेश केंद्र विषय पर आयोजित राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बीते दो वर्षों में राज्य में जिस तीव्र गति से औद्योगिक विकास हुआ है, उसका सकारात्मक प्रभाव दावोस के वैश्विक मंच पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है। दावोस में विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों, वैश्विक कंपनियों और व्यापार प्रतिनिधियों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठकों और चर्चाओं में मध्यप्रदेश को लेकर निवेशकों का बढ़ता विश्वास और उत्साह साफ झलका।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम–2026 में भारत का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है। आज भारत सभी क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है और बहुत जल्द विश्व की चौथी सबसे सशक्त आर्थिक शक्ति से एक से डेढ़ वर्ष में तीसरे स्थान पर पहुंचने की दिशा में अग्रसर है। इस परिवर्तनशील वैश्विक परिदृश्य में मध्यप्रदेश ने स्वयं को निवेश के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों, सरल निवेश प्रक्रियाओं और स्थिर प्रशासनिक व्यवस्था के कारण सोलर एनर्जी, आईटी, टूरिज्म, मैन्युफैक्चरिंग और एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं विकसित हुई हैं। दावोस में हुई बैठकों में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर गंभीर रुचि दिखाई है।
डॉ. यादव ने विशेष रूप से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य आज देश का पावर हब बन चुका है। प्रदेश में पंप स्टोरेज परियोजनाओं के साथ-साथ सोलर और विंड एनर्जी उत्पादन को तेजी से बढ़ाया जा रहा है। ओंकारेश्वर में बांध के जल पर फ्लोटिंग सोलर परियोजना के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। वहीं, 32 लाख किसानों को सोलर पंप वितरित कर उन्हें बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इन प्रयासों का ही परिणाम है कि आज देश में नवकरणीय ऊर्जा के माध्यम से उत्पादित सबसे सस्ती बिजली मध्यप्रदेश उपलब्ध करा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के इस मॉडल को समझने और अध्ययन करने के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ और निवेशक उत्सुक हैं।
दावोस में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मालदीव के मंत्री एवं अर्थशास्त्री डॉ. मोहम्मद सईद के साथ हुई चर्चाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच टूरिज्म, मत्स्य पालन, आईटी और हेल्थ सेक्टर में साझेदारी की व्यापक संभावनाओं पर सकारात्मक संवाद हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति द्वारा पूर्व में लिए गए ठोस निर्णयों के अनुरूप मध्यप्रदेश सरकार भी मालदीव के साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी समय में वे स्वयं मालदीव की यात्रा करेंगे और विकास के लिए परस्पर सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशेंगे। मालदीव के स्थानीय नागरिकों और वहां निवासरत भारतवंशियों के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंध इस साझेदारी को और सशक्त बनाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में एग्रीकल्चर और पॉल्ट्री सेक्टर में भी निवेश की बेहतर संभावनाएं हैं और भविष्य में अन्य राज्यों के साथ व्यापारिक सहयोग को और विस्तार दिया जाएगा। राज्य के पास पर्याप्त लैंड बैंक, भरपूर बिजली और भारत के मध्य में स्थित होने के कारण उत्कृष्ट ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी उपलब्ध है। यही कारण है कि अब देश-विदेश के निवेशक तेजी से मध्यप्रदेश का रुख कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्योग एवं व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। बीते दो वर्षों में राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश देश का सबसे तेज गति से औद्योगिक विकास करने वाला और सबसे युवा राज्य बनकर उभरा है। इस अवधि में प्रदेश की बेरोजगारी दर घटकर लगभग एक प्रतिशत के आसपास आ गई है। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस में मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों ने राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है और आने वाले समय में मध्यप्रदेश विकास, निवेश और रोजगार के नए आयाम स्थापित करेगा।

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