भोपाल18फरवरी/ ग्वालियर के कुलैथ में विकास की गंगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान कल्याण वर्ष में एक लाख करोड़ से अधिक निवेश का किया ऐलान
ग्वालियर जिले के कुलैथ में आयोजित विशाल किसान सम्मेलन ने मध्यप्रदेश की विकास और किसान-हितैषी नीतियों को एक नई दिशा देने का कार्य किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में संपन्न इस भव्य आयोजन में किसानों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की व्यापक सहभागिता देखने को मिली। सम्मेलन न केवल किसान कल्याण वर्ष की औपचारिक शुरुआत का मंच बना, बल्कि प्रदेश सरकार की दूरदर्शी योजनाओं और संकल्पों का प्रभावशाली प्रदर्शन भी रहा।
किसान कल्याण वर्ष: एक लाख करोड़ से अधिक का ऐतिहासिक प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों के हित में एक लाख करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह राशि कृषि, सिंचाई, पशुपालन, डेयरी, तकनीकी उन्नयन और किसान कल्याण योजनाओं पर व्यय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रस्तुत राज्य बजट में 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो प्रदेश के समग्र विकास को गति देगा। यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के सशक्तिकरण के संकल्प को साकार करने वाला है।
पशुपालन और दुग्ध उत्पादन से बढ़ेगी किसानों की आय मुख्यमंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दूध उत्पादन को प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ पशुपालन को अपनाकर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा।
कुलैथ में 87.21 करोड़ के 41 विकास कार्यों की सौगात कुलैथ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 87 करोड़ 21 लाख रुपए की लागत से 41 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। यह विकास कार्य क्षेत्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेंगे और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कुलैथ क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें प्रमुख रूप से डंडे वाले बाबा मंदिर तक सड़क और ट्रांसफार्मर की सुविधा,भगवान जगन्नाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सामुदायिक भवन,युवाओं के लिए खेल मैदान,क्षेत्र में उद्योग स्थापना की पहल,विभिन्न ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों को आबादी क्षेत्र घोषित करना,महेश्वरा पत्थर खदान को पुनः चालू कराने का आश्वासन,इन घोषणाओं से स्पष्ट है कि सरकार ग्रामीण विकास को समग्र रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
किसानों के लिए बड़ी राहत: सरकार कराएगी जमीन की रजिस्ट्री मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि किसानों की पट्टों वाली जमीन की रजिस्ट्री का पूरा खर्च अब राज्य सरकार वहन करेगी। इससे किसानों को बैंकिंग सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। यह निर्णय किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सोलर पंप और सिंचाई परियोजनाओं से आत्मनिर्भरता डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराकर उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके अलावा केन-बेतवा लिंक परियोजना का लाभ अब चंबल क्षेत्र के किसानों को भी मिलेगा। इससे सिंचाई सुविधाएं बढ़ेंगी और खेतों में उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
बच्चों के सुपोषण के लिए मुफ्त दूध योजना सरकार ने बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क दूध उपलब्ध कराने की योजना भी प्रस्तावित की है। यह योजना कुपोषण को दूर करने और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
सांस्कृतिक विरासत का सम्मान और प्रोत्साहन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोक संस्कृति को भी बढ़ावा दिया। कन्हैया लोकगीतों की प्रस्तुति का आनंद लेते हुए उन्होंने कलाकारों पर पुष्पवर्षा की और सभी 18 टीमों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। यह कदम ग्रामीण कला और परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में सराहनीय है। बैलगाड़ी दौड़ और ग्रामीण परंपराओं को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने पारंपरिक बैलगाड़ी दौड़ का अवलोकन किया और इसमें भाग लेने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। विजेताओं के लिए विशेष पुरस्कार भी घोषित किए गए, जिससे ग्रामीण खेलों और परंपराओं को बढ़ावा मिलेगा।
रोड शो में जनता का अभूतपूर्व स्वागत कुलैथ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का रोड शो भव्य और ऐतिहासिक रहा। हेलिपेड से रथ पर सवार होकर जैसे ही वे आगे बढ़े, मार्ग के दोनों ओर खड़े हजारों लोगों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। यह जनसमर्थन प्रदेश सरकार की लोकप्रियता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में विकास की नई दिशा मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर विकास और जनकल्याण के कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित नीतियों से प्रदेश तेजी से प्रगति की ओर अग्रसर है।
सांसद और जनप्रतिनिधियों ने जताया आभार कार्यक्रम में उपस्थित सांसद भारत सिंह कुशवाह ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा ग्वालियर क्षेत्र के लिए विकास की सौगातें लेकर आते हैं। उन्होंने बजट में क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर धनराशि के प्रावधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। हितलाभ वितरण और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ भी वितरित किए। साथ ही कृषि प्रदर्शनी में 16 स्टॉलों का अवलोकन कर किसानों को उन्नत तकनीकों, ड्रिप सिंचाई और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई।
विकास, विश्वास और समृद्धि की नई दिशा ग्वालियर के कुलैथ में आयोजित यह किसान सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के किसानों के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप साबित हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता ही प्रदेश की प्राथमिकता है। एक लाख करोड़ से अधिक के निवेश, पशुपालन और डेयरी विकास, आधुनिक कृषि तकनीकों और आधारभूत ढांचे के विस्तार के साथ मध्यप्रदेश अब कृषि और ग्रामीण समृद्धि के नए युग में प्रवेश कर रहा है। कुलैथ से उठी यह विकास की गूंज पूरे प्रदेश में नई उम्मीद और विश्वास का संदेश दे रही है। किसान सम्मेलन में जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मोहन सिंह राठौर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुँवर सिंह जाटव व उपाध्यक्ष श्रीमती प्रियंका सिंह घुरैया, संत राजेश्वरानंद, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सीताराम मांझी, लोकमाता अहिल्याबाई बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह पाल, श्री आशीष अग्रवाल, प्रेम सिंह राजपूत, बीज निगम के पूर्व अध्यक्ष महेन्द्र सिंह यादव, शिवराज सिंह यादव व देवेन्द्र प्रताप सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि मंचासीन थे।

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