मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान का लोकार्पण एवं उनकी प्रतिमा का किया अनावरण,साथ ही नवनिर्मित सांदीपनि शासकीय विद्यालय भवन का किया शुभारंभ,पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर बर्राई को दो बड़ी सौगातें उद्यान व सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण, बच्चों को दिया ‘लक्ष्य निर्धारण’ का मंत्र।

‘एकात्म मानववाद’ के जनक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी भोपाल के बर्राई क्षेत्र को विकास की दो महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय उद्यान का लोकार्पण एवं उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही नवनिर्मित सांदीपनि शासकीय विद्यालय भवन का शुभारंभ कर विद्यार्थियों को विद्यालय में प्रवेश दिलाया। इस अवसर पर विधायक श्री रामेश्वर शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। अतिथियों ने पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण किया और उनके विचारों को स्मरण करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया। विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चों का गुलाब के फूलों से स्वागत किया गया तथा उन्हें विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया गया।

प्रेरणा का केंद्र बनेगा दीनदयाल उद्यान: स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह उद्यान केवल एक पार्क नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्थल होगा। उन्होंने कहा, “आज इस क्षेत्र के लोगों के लिए खुशी का दिन है। पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से निर्मित यह उद्यान पर्यावरण की दृष्टि से श्रेष्ठ स्थान बनेगा। यहां बच्चे, बुजुर्ग और युवा सभी सुबह-शाम समय व्यतीत कर सकेंगे। उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी।” उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का चिंतन आज भी प्रासंगिक है और उनके सपनों को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश में तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में साकार करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “जीवन में पहले लक्ष्य तय करें, फिर उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करें। जब तक आप यह तय नहीं करेंगे कि आपको कहां पहुंचना है, तब तक सफलता संभव नहीं है।” मंत्री श्री सिंह ने बच्चों से अनुशासन, परिश्रम और समर्पण को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।

‘देश में व्यक्ति नहीं, गुणों की पूजा होती है’: विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत की परंपरा व्यक्ति पूजा की नहीं, बल्कि गुणों की पूजा की रही है। उन्होंने कहा, “जो व्यक्ति अपने गुणों और कर्मों से देश और समाज के लिए समर्पित हो जाता है, वही पूजनीय बनता है। पं. दीनदयाल उपाध्याय साधारण कद-काठी और सामान्य परिवार से थे, लेकिन अपने उच्च विचार, सादगी और राष्ट्रसेवा के कारण वे विश्वभर में सम्मानित हैं।” उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’ का सिद्धांत समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की सोच को दर्शाता है। सांदीपनि विद्यालय की स्थापना भी उसी विचारधारा का विस्तार है, जिसमें ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना निहित है।

शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: अध्यक्ष तोमर ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चे वर्ष 2047 में विकसित भारत के साक्षी बनेंगे। “ये बच्चे विकसित भारत के नागरिक होने का गौरव प्राप्त करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की साख वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिनकी जितनी सराहना की जाए कम है,” उन्होंने कहा। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे पं. दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों को आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।

जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति: कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि बर्राई क्षेत्र के लिए यह दिन ऐतिहासिक है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस पहल का स्वागत करते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

विकास और विचार का संगम: पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम विकास और विचार का संगम साबित हुआ। एक ओर जहां क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से युक्त उद्यान और विद्यालय भवन की सौगात मिली, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों और नागरिकों को राष्ट्रसेवा, लक्ष्य निर्धारण और समर्पण का संदेश भी मिला। बर्राई में स्थापित यह उद्यान और विद्यालय भवन न केवल आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से जोड़ते हुए उन्हें विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित भी करेंगे। यह आयोजन क्षेत्र के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal