भोपाल 26नवम्बर/अजाक्स अधिवेशन में दिए वक्तव्य पर कार्रवाई की तलवार! सरकार ने संतोष कुमार वर्मा से मांगा कारण बताओ नोटिस
अनुशासनहीन वक्तव्य पर टिप्पणी, 7 दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश, "आइएएस वर्मा के वक्तव्य" "जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान में नहीं दे देता या उससे संबंध नहीं बना लेता"।
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के उप सचिव संतोष कुमार वर्मा को अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिए गए उनके विवादित वक्तव्य को लेकर अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
23 नवम्बर को भोपाल में आयोजित अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में दिए गए उनके संबोधन की वीडियो क्लिप तथा अखबारों में प्रकाशित खबरें शासन के संज्ञान में आने पर यह कार्रवाई की गई। "आइएएस वर्मा के वक्तव्य" आरक्षण तब तक मिलना चाहिए,"जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान में नहीं दे देता या उससे संबंध नहीं बना लेता"।
पत्र में यह स्पष्ट कहा गया है कि वर्मा द्वारा अपने वक्तव्य में शासन की नीतियों एवं सरकारी कार्यप्रणाली पर अमर्यादित टिप्पणी की गई।
अधिकारी होते हुए सार्वजनिक मंच पर ऐसी टिप्पणी कर लोक सेवक आचरण नियमों का उल्लंघन किया गया।
विभाग ने इसे अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियम, 1968 के नियम 3(1), 3(2)(बी)(i)(ii) तथा नियम 10(1)(ए) का उल्लंघन माना है, जिसके तहत किसी भी अधिकारी को ऐसा वक्तव्य देने से रोका गया है जिससे सरकार की छवि पर प्रतिकूल असर पड़े।
शासन की चेतावनी,सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि “आपका ऐसा वक्तव्य अखिल भारतीय सेवाओं के अनुशासन संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन है, अतः यह स्पष्ट किया जाए कि आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।”
संतोष कुमार वर्मा को 7 दिवस के भीतर कारण बताओ सूचना पत्र का उत्तर प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त न होने पर शासन उनके विरुद्ध एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई करने पर बाध्य होगा।
इस पूरे प्रकरण ने प्रदेश में चर्चा तेज कर दी है। अजाक्स के मंच से दिया गया यह विवादित वक्तव्य अब संतोष कुमार वर्मा के लिए गंभीर प्रशासनिक संकट का कारण बन गया है। शासन की ओर से कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद अब निगाहें उनके जवाब और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
