भोपाल 23दिसम्बर/नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला की पत्रकार वार्ता,मप्र 9508 मेगावाट क्षमता के साथ बना अग्रणी राज्य
नवकरणीय ऊर्जा में मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक छलांग, 9508 मेगावाट क्षमता के साथ बना अग्रणी राज्य।
कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि विकास और सेवा के दो वर्षों में प्रदेश सरकार ने ऊर्जा विभाग के माध्यम से गांव, गरीब और श्रमिक वर्ग के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश आज देश के अग्रणी राज्यों में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि बीते दो वर्ष प्रदेश के लिए बेमिसाल रहे हैं। इस अवधि में दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से मध्यप्रदेश नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा नीति–2025, पंप हाईड्रो स्टोरेज परियोजना क्रियान्वयन योजना–2025 तथा मध्यप्रदेश बायोमास परियोजना क्रियान्वयन नीति–2025 जैसी महत्वपूर्ण नीतियां लागू की गईं, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, रोजगार और सतत विकास को नई गति मिली।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2010 में जहां सौर ऊर्जा क्षमता लगभग शून्य थी, वहीं आज यह 5781 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2023 में स्थापित 3159 मेगावाट सौर क्षमता से बढ़कर 5781 मेगावाट होना लगभग 82 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि को दर्शाता है।
मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि प्रदेश में अब तक कुल 9508 मेगावाट नवकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है, जो मध्य प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत को 500 गीगावाट नवकरणीय ऊर्जा लक्ष्य प्राप्त कराने के लिए मध्य प्रदेश पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और इस दिशा में राज्य सरकार सुनियोजित प्रयासों के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश नवकरणीय ऊर्जा का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरेगा और सतत विकास के साथ जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगा।

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