“विकसित भारत @2047 की मजबूत नींव बनेगा मध्यप्रदेश का MSME सेक्टर: दो वर्षों में ऐतिहासिक प्रगति, आने वाले तीन साल में निवेश और रोजगार की नई उड़ान”।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश का MSME क्षेत्र निर्णायक भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में प्रदेश विकसित मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मंत्री श्री काश्यप ने मंगलवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से संवाद करते हुए विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों और आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।

मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में 21.63 लाख पंजीकृत MSME इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिनमें से लगभग 4.50 लाख विनिर्माण इकाइयों द्वारा 36 लाख से अधिक रोजगार सृजित किए गए हैं। प्रदेश का स्टार्टअप इकोसिस्टम भी तेजी से सशक्त हुआ है, जहां 6,000 से अधिक DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 3,000 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप और 72 इनक्यूबेटर सक्रिय हैं। ₹100 करोड़ के समर्पित फंड ने नवाचार और उद्यमिता को नई गति दी है।

मंत्री ने बताया कि बीते दो वर्षों में 4,865 MSME इकाइयों को सिंगल क्लिक से 3,118.44 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई। वर्ष 2019 से लंबित सभी देयताओं का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। औद्योगिक अधोसंरचना के विकास के तहत 14 औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण पूर्ण, 41 औद्योगिक क्षेत्र विकासाधीन हैं तथा 26 नए औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृति दी गई है। निजी भूमि पर विकसित 30 औद्योगिक क्षेत्रों में से 12 का कार्य पूर्ण हो चुका है।

आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि MSME क्षेत्र को 5,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन सहायता, 30 नए निजी क्लस्टर, 22 कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) और 100 नए इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश में 6,000 से अधिक विकसित औद्योगिक भू-खंड, 100 औद्योगिक क्षेत्रों में CETP की स्थापना तथा औद्योगिक क्षेत्र विहीन 81 विधानसभा क्षेत्रों में नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। वर्तमान 6,000+ स्टार्टअप की संख्या को बढ़ाकर 12,000 से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 1 करोड़ MSME पंजीकरण, 2 करोड़ रोजगार सृजन और ₹61,256 करोड़ निवेश का रोडमैप तैयार किया गया है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए 25 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले MSME, 200 से अधिक MSME को SME स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध, 10,000 हरित ऊर्जा MSME, 50,000 DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और 7,000 उत्पादन-आधारित स्टार्टअप स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति, देश के 50 प्रतिशत बाजार तक आसान पहुंच, 5 लाख किमी से अधिक सड़क नेटवर्क, 8 हवाई अड्डे, 24×7 बिजली आपूर्ति, 1,000 MCM से अधिक जल उपलब्धता और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क ने मध्यप्रदेश को भविष्य का लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग हब बना दिया है। कांडला और JNPT जैसे प्रमुख बंदरगाहों की निकटता भी निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण है।

मंत्री श्री काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 16,491 युवाओं को 1,134.27 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया है। MSME फैसिलिटेशन काउंसिल के माध्यम से लंबित भुगतान विवादों का त्वरित निराकरण कर उद्यमियों को राहत दी गई है। RAMP योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 MSME को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कराया गया है।
अंत में मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मजबूत MSME आधार, तेजी से विस्तारित स्टार्टअप इकोसिस्टम, उदार नीतिगत समर्थन और सुदृढ़ अधोसंरचना के साथ मध्यप्रदेश दीर्घकालिक औद्योगिक विकास के लिए देश का भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal