भोपाल 26दिसम्बर/मंत्री कृष्णा गौर की विंध्याचल भवन स्थित सभागार में पत्रकार वार्ता सम्पन्न
भोपाल में बनेगा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर, “शौर्य संकल्प” से सुरक्षा बलों तक पहुंचेंगे युवा।
मध्यप्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने विकास और सेवा के दो वर्ष पूर्ण होने पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ और नवाचार सामने रखे हैं। शुक्रवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने बताया कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जा रहा है। यह प्रस्ताव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से तैयार किया गया है। राज्यमंत्री ने कहा कि यह स्पेस सेंटर प्रदेश के युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक और प्रेरित करेगा। केंद्र में मिसाइल और सैटेलाइट के विकास क्रम के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही जीरो ग्रेविटी वातावरण में स्पेस स्टेशन का सिम्युलेटरी अनुभव देने की व्यवस्था होगी, जिससे बच्चे अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन और कार्यशैली को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। यह पहल विशेष रूप से ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं में वैज्ञानिक सोच और करियर संभावनाओं को बढ़ावा देगी।
श्रीमती गौर ने अत्यंत पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए प्रस्तावित “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना–2025” को भी महत्वपूर्ण बताया। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष लगभग 4000 युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण देकर सेना, अर्धसैनिक बल, पुलिस, होमगार्ड एवं निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए तैयार किया जाएगा। शारीरिक प्रशिक्षण के साथ अनुशासन, राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के ओबीसी छात्रावासों को आदर्श छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिन पर करीब 16 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिम, वाचनालय, पुस्तकालय, वाई-फाई, कंप्यूटर कक्ष और खेल सुविधाओं के साथ पहली बार छात्रावासों में निशुल्क गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था की जा रही है, जिसका शुभारंभ 26 जनवरी को संभावित है।
राज्यमंत्री ने बताया कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत साढ़े सात लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ दिया गया है। विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति, जापान-जर्मनी में रोजगार तथा विमुक्त और घुमंतू समुदायों के लिए विशेष अभियान जैसी पहलों से विभाग ने सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण की नई दिशा तय की है। उन्होंने कहा कि ये प्रयास विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की मजबूत नींव हैं।

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