मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पवार एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित हितधारक सम्मेलन को संबोधित किया,मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास से मछुआरों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता,मत्स्य क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई पहल, मंत्री नारायण सिंह पवार ने हितधारक सम्मेलन में मछुआरों के सशक्तिकरण का दिया संदेश।

मध्यप्रदेश शासन के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री नारायण सिंह पवार मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग द्वारा आयोजित हितधारक सम्मेलन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए मत्स्य पालकों, मत्स्य सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मेलन में मत्स्य क्षेत्र के विकास, मछुआरों के कल्याण और आधुनिक तकनीकों के विस्तार को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

मंत्री पवार ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मछुआरों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और मत्स्य पालन को रोजगार एवं स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, मत्स्य पालन को आधुनिक स्वरूप देने तथा युवाओं को इस क्षेत्र से जोड़ने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि मत्स्य क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। मंत्री पवार ने कहा कि तालाबों के वैज्ञानिक प्रबंधन, आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन, गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की उपलब्धता तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि प्रदेश में मत्स्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को मत्स्य पालन गतिविधियों से जोड़ने पर भी विशेष बल दिया।

सम्मेलन में विभागीय अधिकारियों द्वारा मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, जलाशयों के बेहतर उपयोग, मत्स्य विपणन व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा मछुआरों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान से संबंधित योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की गई। मंत्री श्री पंवार ने हितधारकों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, मत्स्य सहकारी समितियों के पदाधिकारियों, वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में हितधारकों की उपस्थिति रही। सम्मेलन का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र से जुड़े सभी वर्गों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रदेश में मत्स्य विकास को नई गति प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री पंवार ने सभी हितधारकों से मिलकर प्रदेश को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का आह्वान किया।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal