बजट सत्र 2026 की रूपरेखा तय।

मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र 2026 के सुचारू संचालन और प्रभावी कार्यवाही को सुनिश्चित करने हेतु कार्यमंत्रणा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने की। इस दौरान सत्र के कामकाज, विधायी कार्यों की समय-सारणी, प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, शून्यकाल तथा वित्तीय विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक अजय बिश्नोई, हरिशंकर खटीक, राजेन्द्र भारती, उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत सत्यदेव कटारे सहित प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा उपस्थित रहे। 

सभी दलों के प्रतिनिधियों ने सत्र को सार्थक, अनुशासित और परिणामोन्मुख बनाने पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बजट सत्र लोकतांत्रिक परंपराओं का महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें राज्य की आर्थिक दिशा और विकास प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा होती है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपेक्षा की कि वे सदन की गरिमा बनाए रखते हुए सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाएँ, ताकि जनहित के मुद्दों पर व्यापक विमर्श हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समय का समुचित प्रबंधन और विषयों की प्राथमिकता तय कर सत्र को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार बजट सत्र में विकासोन्मुखी एवं जनकल्याणकारी प्रस्तावों को सदन के समक्ष रखेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी दलों के सहयोग से सत्र उत्पादक रहेगा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विपक्ष की ओर से आश्वस्त किया कि जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जाएगा और रचनात्मक सहयोग भी दिया जाएगा।

बैठक में यह सहमति बनी कि प्रश्नकाल और शून्यकाल को प्रभावी ढंग से संचालित कर आमजन से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। वित्तीय विषयों पर पर्याप्त समय देने और विधेयकों पर सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने का निर्णय भी लिया गया। इस प्रकार कार्यमंत्रणा समिति की यह बैठक आगामी बजट सत्र 2026 की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हुई, जिससे विधानसभा की कार्यवाही अधिक सुव्यवस्थित, समयबद्ध और जनोन्मुखी बनने की अपेक्षा व्यक्त की गई।

न्यूज़ सोर्स : mp1news Bhopal